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बामनोली भूमि अधिग्रहण: आतिशी ने सीएम केजरीवाल को सौंपी पूरक रिपोर्ट, उपराज्यपाल ने विचार करने से किया था मना
Wed, 22 Nov 2023 12:37 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 22 Nov 2023 12:37 PM IST
सार
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बामनोली भूमि अधिग्रहण मामले में मुख्य सचिव नरेश कुमार की प्रथम दृष्टया मिलीभगत का आरोप लगाने वाली सतर्कता मंत्री आतिशी की रिपोर्ट पर विचार करने से इनकार कर दिया था।
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सतर्कता मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव नरेश कुमार व बेटे पर द्वारका एक्सप्रेसवे के कथित जमीन मुआवजा मामले में उनकी भूमिका पर मुख्यमंत्री को पूरक रिपोर्ट सौंपी है। 14 नवंबर को प्रारंभिक रिपोर्ट पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से उठाई गई आपत्ति के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आतिशी को रिपोर्ट में अतिरिक्त तथ्यों और जानकारी को शामिल करने के निर्देश दिए थे, जिसे इस रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
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इस रिपोर्ट के आधार पर आतिशी ने उपराज्यपाल से इस मामले पर फिर से विचार करते हुए जांच को ईडी और सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया है। मामले में शामिल डीएम के अलावा डिविजनल कमिश्नर और मुख्य सचिव के साथ बेटे और उससे जुड़े व्यवसाय सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट पर उपराज्यपाल ने कहा है कि मुख्य सचिव ने जिला मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके जवाब में सतर्कता मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य सचिव और डिविजनल कमिश्नर ने मामले को दबाने के लिए महज खानापूर्ति की है।
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आतिशी के मुताबिक, उपराज्यपाल ने स्पष्ट कहा है कि मुख्य सचिव के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि रिपोर्ट में सामने आए आवश्यक तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। पहले की जांच रिपोर्ट में मुख्य सचिव और भू-स्वामियों के बीच संबंधों के बारे में साफ पता चलता है, जो उपराज्यपाल की आपत्ति को गलत ठहराते हैं। आतिशी के मुताबिक, यह हैरान करने वाली बात है कि उपराज्यपाल ने अपने नोट में सतर्कता निदेशालय द्वारा जांच में सामने आए सभी तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। आतिशी ने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव का बेटा इस समूह की कई कंपनियों में निदेशक है। इन कंपनियों में उनके कई सह-निदेशक इस समूह की अन्य कंपनियों में भी प्रमुख कर्मचारी हैं।
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राज निवास के अधिकारियों ने रविवार को कहा कि ऐसा लगता है कि यह पूरी तरह से मंत्री की पूर्व धारणाओं और अनुमानों पर आधारित है। सरकार द्वारा उन्हें रिपोर्ट सौंपे जाने पर एक फाइल नोटिंग में सक्सेना ने कहा है कि रिपोर्ट चल रही जांच को सुविधाजनक बनाने के बजाय उसमें बाधा डाल सकती है। उपराज्यपाल ने कहा कि मुझे शिकायतों पर प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जो सतर्कता मंत्री द्वारा प्रस्तुत की गई है और मुख्यमंत्री द्वारा समर्थित है।