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पूर्ण राज्य के लिए पीएम के घर में घुसकर हड़ताल कर देंगे: केजरीवाल
Thu, 21 Feb 2019 03:18 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 21 Feb 2019 03:18 AM IST
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में अगर आप को सातों सीटें मिल गई तो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवा कर रहेंगे। इसके लिए जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री के घर में हड़ताल तक करने की बात केजरीवाल ने कही। केजरीवाल बुधवार शाम बार काउंसिल ऑफ दिल्ली व बार एसोसिएशन ऑफ दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में तीस हजारी में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
केजरीवाल ने कहा कि संविधान की व्याख्या करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों कहा कि केंद्र के पास दिल्ली के लिए कानून बनाने का अधिकार है। केजरीवाल के मुताबिक, लेकिन आज दिल्ली में सरकार चलाना मुश्किल है। मुख्यमंत्री के पास अपने चपरासी तक को बदलने तक की ताकत नहीं है।
इस दौरान उन्होंने मई 2015 के केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन का जिक्र किया, जिसके सहारे एसीबी व सेवा केंद्र के अधीन कर दी गई थी। केजरीवाल ने कहा कि इसका समाधान दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद ही मिलेगा। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में क्या कमी है कि वह पूर्ण राज्य नहीं हो सकता। मुंबई के बाद सबसे ज्यादा आयकर दिल्ली देता है।
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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस बार का चुनाव काफी अहम है। सात सीटें सरकार बनवा भी सकती है और इतनी सीट से सरकार गिर भी सकती है। साथ ही गुजारिश की कि सातों सीटें आप को दिलवा दें। 2-3 साल में पूर्ण राज्य का दर्जा न ले लिया तो नाम बदल देना। जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री के घर में घुसकर हड़ताल कर देंगे। लेकिन पूर्ण राज्य लेकर ही रहेंगे।
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केजरीवाल ने कहा कि संविधान की व्याख्या करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों कहा कि केंद्र के पास दिल्ली के लिए कानून बनाने का अधिकार है। केजरीवाल के मुताबिक, लेकिन आज दिल्ली में सरकार चलाना मुश्किल है। मुख्यमंत्री के पास अपने चपरासी तक को बदलने तक की ताकत नहीं है।
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इस दौरान उन्होंने मई 2015 के केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन का जिक्र किया, जिसके सहारे एसीबी व सेवा केंद्र के अधीन कर दी गई थी। केजरीवाल ने कहा कि इसका समाधान दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद ही मिलेगा। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में क्या कमी है कि वह पूर्ण राज्य नहीं हो सकता। मुंबई के बाद सबसे ज्यादा आयकर दिल्ली देता है।
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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस बार का चुनाव काफी अहम है। सात सीटें सरकार बनवा भी सकती है और इतनी सीट से सरकार गिर भी सकती है। साथ ही गुजारिश की कि सातों सीटें आप को दिलवा दें। 2-3 साल में पूर्ण राज्य का दर्जा न ले लिया तो नाम बदल देना। जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री के घर में घुसकर हड़ताल कर देंगे। लेकिन पूर्ण राज्य लेकर ही रहेंगे।
सामाजिक सुरक्षा के लिए 50 करोड़ के बजटीय आवंटन का वादा
हर कोर्ट में खुलेगा मोहल्ला क्लीनिक
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वकीलों का सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने के लिए इस बार के बजट से दिल्ली सरकार 50 करोड़ रुपये का प्रावधान करने जा रही है। अगले हफ्ते दिल्ली विधान सभा में बजट पेश होगा। जबकि अगले वित्तीय वर्ष से यह राशि उपलब्ध रहेगी। केजरीवाल ने कहा कि इससे जुड़ी प्रक्रियाओं को तय करने के लिए वकीलों की सहमति से सरकार एक कमेटी बनाएगी।
इस कमेटी की सिफारिशों के हिसाब से सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी स्कीमें लागू होंगी। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली वकीलों की सामाजिक सुरक्षा के लिए मॉडल होगी। तेलंगाना सरकार ने तो 100 करंोड़ रुपये का कार्पस फंड वकीलों के लिए बनाया है। यह वन टाइम है। लेकिन दिल्ली में हर वित्तीय वर्ष में फंड आवंटित करेगी। केजरीवाल ने कहा कि अगर अदालतों में सरकार को जगह मिल जाती है तो हर कोर्ट में मोहल्ला क्लीनिक खोली जाएगी। इससे वकीलों का इलाज मुफ्त हो जाएगा।
केजरीवाल ने ली चुटकी
केजरीवाल ने चुटकी ली कि वह वकीलों से दोस्ती करने नहीं आए हैं, बल्कि वह शादी करने आए हैं। इसमें लड़ाई-झगड़े हो सकते हैं, लेकिन तलाक की गुंजाइश नहीं है। केजरीवाल ने बताया कि सरकार डीईआरसी से कहेगी कि वकीलों को अदालत में मिलने वाले कनेक्शन को कमर्शिलय से डोमेस्टिक कर दिया जाए। इससे सब्सिडी नहीं देगी पड़ेगी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वकीलों का सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने के लिए इस बार के बजट से दिल्ली सरकार 50 करोड़ रुपये का प्रावधान करने जा रही है। अगले हफ्ते दिल्ली विधान सभा में बजट पेश होगा। जबकि अगले वित्तीय वर्ष से यह राशि उपलब्ध रहेगी। केजरीवाल ने कहा कि इससे जुड़ी प्रक्रियाओं को तय करने के लिए वकीलों की सहमति से सरकार एक कमेटी बनाएगी।
इस कमेटी की सिफारिशों के हिसाब से सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी स्कीमें लागू होंगी। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली वकीलों की सामाजिक सुरक्षा के लिए मॉडल होगी। तेलंगाना सरकार ने तो 100 करंोड़ रुपये का कार्पस फंड वकीलों के लिए बनाया है। यह वन टाइम है। लेकिन दिल्ली में हर वित्तीय वर्ष में फंड आवंटित करेगी। केजरीवाल ने कहा कि अगर अदालतों में सरकार को जगह मिल जाती है तो हर कोर्ट में मोहल्ला क्लीनिक खोली जाएगी। इससे वकीलों का इलाज मुफ्त हो जाएगा।
केजरीवाल ने ली चुटकी
केजरीवाल ने चुटकी ली कि वह वकीलों से दोस्ती करने नहीं आए हैं, बल्कि वह शादी करने आए हैं। इसमें लड़ाई-झगड़े हो सकते हैं, लेकिन तलाक की गुंजाइश नहीं है। केजरीवाल ने बताया कि सरकार डीईआरसी से कहेगी कि वकीलों को अदालत में मिलने वाले कनेक्शन को कमर्शिलय से डोमेस्टिक कर दिया जाए। इससे सब्सिडी नहीं देगी पड़ेगी।