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अमर उजाला खासः कैंसर के बाद झज्जर में खुलेगा दिल का राष्ट्रीय संस्थान 

Fri, 15 Mar 2019 10:54 AM IST
पूजा त्रिपाठी परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 15 Mar 2019 10:54 AM IST
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amar ujala special after cancer hospital jhajjar to get its first national institute of heart
राष्ट्रीय कैंसर संस्थान

कैंसर के बाद अब दिल्ली एम्स हरियाणा सहित देश को एक और तोहफा देने जा रहा है। हरियाणा के झज्जर स्थित बाढ़सा में विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई)  शुरू  करने के बाद एम्स का अगला लक्ष्य है इसी परिसर में राष्ट्रीय कार्डियोवेस्कुलर संस्थान (एनसीवीआई) तैयार करना।

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करीब चार वर्ष पहले इस संस्थान को बनाने और देश के करोड़ों मरीजों को समय पर उपचार दिलाने के लिए सरकार से मंजूरी मिली थी,  जिसके बाद इसके निर्माण को लेकर एम्स एमओयू भी साइन कर चुका है। अब कहा जा रहा है कि अगले तीन वर्ष के भीतर देश को कार्डियोवेस्कुलर रोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस अस्पताल का लाभ मिलेगा।
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दरअसल अभी तक एम्स में दिल के रोगों के लिए अलग से कार्डिएक सेंटर बना हुआ है, जहां ओपीडी से लेकर जांच और ऑपरेशन तक की सुविधा है। हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सामने आए अध्ययन में दावा किया है कि देश में हर वर्ष होने वाली मौतों में 60 फीसदी की वजह कार्डियोवेस्कुलर रोग हैं।
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हर दिन एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हो रही है। दिल की रक्त धमनियों में ब्लॉकेज और हार्ट ऑपरेशन में भी इजाफा हुआ है। वहीं दुनिया में सबसे ज्यादा मधुमेह मरीज भारत में है, जिनमें दिल की बीमारियां होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में जरूरी है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए इन मरीजों को संजीवनी दी जाए।

ढाई हजार करोड़ के अस्पताल में होंगे 600 बिस्तर

एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा का कहना है कि  कार्डियोवेस्कुलर संस्थान के लिए चार साल पहले ही मंजूरी मिल गई थी। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह संस्थान झज्जर में ही बनना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि  इस संस्थान के निर्माण के लिए एम्स ने एचएससीसी इंडिया लिमिटेड के साथ 2500 करोड़ रुपये का करार भी किया है। इसके तहत निर्माण, टेंडर, बुनियादी ढांचा, उपकरण सहित तमाम संसाधानों की पूर्ति करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

ढाई हजार करोड़ के अस्पताल में होंगे 600 बिस्तर
एम्स प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि झज्जर में दो बड़े अस्पताल बनाने की योजना थी। इसलिए सबसे पहले कैंसर अस्पताल तैयार किया गया। करीब डेढ़ महीने पहले ही इसे शुरू किया जा चुका है। धीरे धीरे यहां सुविधाओं का विस्तार करना जारी रहेगा। साथ ही अब कार्डियोवेस्कुलर संस्थान के लिए भी गति बढ़ा दी है। ढाई हजार करोड़ की लागत से बनने वाले इस अस्पताल में दिल के मरीजों के लिए 600 बिस्तरों की सुविधा होगी। साथ ही यहां निशुल्क स्क्रीनिंग कार्यक्रम भी किए जा सकेंगे।

पूरे देश को लीड करेगा संस्थान
बताया जा रहा है कि देश में कार्डिएक अरेस्ट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसलिए राष्ट्रीय कार्डियोवेस्कुलर संस्थान देश का न सिर्फ ह्दयरोगों के उपचार का अस्पताल होगा, बल्कि ये देश को लीड भी करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में हार्ट अटैक के मरीजों को कैसे उपचार देना है? इसके बारे में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए जानकारी दी जाएगी। यहां दिल की बीमारियों को लेकर रिसर्च भी होंगी। साथ ही रोबोटिक लैब के अलावा एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टि सहित बायपास सर्जरी निशुल्क उपलब्ध होंगी।

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