धौलाकुआं गैंगरेप के पांचों आरोपी दोषी करार
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दिल्ली के धौलाकुआं इलाके में बीपीओ कर्मी पूर्वोत्तर की एक युवती से गैंगरेप मामले में अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया है। पांचों बदमाश मेवाती गैंग के सदस्य हैं और फरीदाबाद, पलवल जिले के रहने वाले हैं। इनकी सजा पर शुक्रवार, 17 अक्तूबर को बहस होगी।
द्वारका जिला अदालत स्थित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने 131 पेज के फैसले में गांव मीरपुर पलवल निवासी उस्मान उर्फ काले, गांव धौज बिल्ला कॉलोनी फरीदाबाद निवासी शमशाद उर्फ खुटकन, इकबाल उर्फ छोटी बिल्ली, शाहिद उर्फ बड़ी बिल्ली, कमरूद्दीन उर्फ कमरू उर्फ मोबाइल को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी ठहराया है।
वहीं, उस्मान को आर्म्स एक्ट के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सभी तथ्य, गवाहों के बयान व चिकित्सा रिपोर्ट के आधार पर अभियोजन पक्ष दोषियों का अपराध साबित करने में सफल रहा है।
शिकारियों की तरह किया था गैंगेरप
पूर्वोत्तर की युवती 23-24 नवंबर 2010 की रात करीब 1:30 बजे मोती बाग में कॉल सेंटर की कैब से उतरकर सहकर्मी के साथ घर जा रही थी। इसी दौरान महिंद्रा पिक अप में सवार दोषियों ने बंदूक दिखाकर उसे अगवा कर लिया।
सहकर्मी किसी तरह खुद को बचाकर वहां भाग गई और उसने पुलिस को मामले की सूचना दी। अपहृत युवती को मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में ले जाकर गैंगरेप किया गया।
2 दिसंबर को पुलिस ने पलवल के धौज इलाके से उस्मान और शमशाद को गिरफ्तार किया। इसके बाद अन्य आरोपियों को पकड़ा गया। अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद 8 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।