ब्रिटेन की महिला पादरी का प्रोफाइल बनाकर एम्स की सीनियर डॉक्टर को ठगा, नाइजीरियन गिरफ्तार

पुरुषोत्तम वर्मा , नई दिल्ली Updated Sun, 18 Oct 2020 04:37 AM IST
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सार

  • चैरिटेबल कार्य के लिए 19 लाख भिजवाने के नाम पर ठगे लाखों रुपये 
  • सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस ने एक विदेशी को किया गिरफ्तार   

विस्तार

सोशल मीडिया पर ब्रिटेन की महिला पादरी का प्रोफाइल बनाकर एम्स की सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर और पिता से ठगी का मामला सामने आया है। चैरिटेबल कार्य के लिए विदेश से मोटी रकम नाम भेजने के नाम पर उनसे ठगी की गई। महिला डॉक्टर की शिकायत पर मामला दर्जकर सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस ने नाइजीरियाई कची केल्विन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी के भारतीय साथियों की तलाश कर रही है। 
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार एम्स की सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर के पिता को फेसबुक पर जुलाई में फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। आरोपी ने फर्जी प्रोफाइल बनाई थी और उस पर ब्रिटेन की महिला पादरी का फोटो लगा रखी थी। प्रोफाइल पर ब्रिटेन का पता लिखा हुआ था।
डॉक्टर के पिता ने उसे स्वीकार कर लिया। पिता महिला पादरी समझकर आरोपी से पहले फेसबुक व फिर फोन पर बात करने लगे। एक दिन आरोपी ने बताया कि वह भारत में चैरिटेबल कार्यों के लिए 18 लाख 90 हजार रुपये (करीब 20 हजार यूरो) भेज रहा है।
आरोपी महिला की आवाज में बात करता था। उनके पास फिर  फोन आया कि यूरो आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंच गए हैं। जिसके साथ कुछ सामान भेजा गया है। यूरो को कस्टम आदि विभागों से छुड़ाने की एवज में टैक्स देने होंगे। आरोपियों के कहने पर एम्स की डॉक्टर से शुरुआत में अपने खातों में 75 हजार रुपये जमा कर लिए। 

आरोपी कस्टम अफसर बनकर ही खुद ही फोन करते थे। आरोपियों के बैंक खाते में डॉक्टर ने ही पैसे जमा कराए थे। एयरपोर्ट जाने पर डॉक्टर को ठगे जाने का एहसास हुआ तो उन्होंने सफदरजंग एंक्लेव थाने में शिकायत की। सफदरजंग एंक्लेव थानाध्यक्ष उमेश बर्थथ्वाल की देखरेख में एसआई रणवीर, एसआई बृजेश व हवलदार रामदास की टीम ने ठगी के आरोपी कची केल्विन को उत्तम नगर से 15 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपने नाइजीरियाई दोस्त, पत्नी और भारतीय दोस्तों के साथ ठगी करता था। वह भारत में वर्ष 2017 से अवैध रूप से रहा है। पुलिस ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर ले रखा है। 

खाताधारकों को देते थे 50 हजार रुपये 
आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में बैंक खाताधारकों को 50 हजार रुपये देते थे। आरोपी इन बैंक खाते में पीड़ित से ठगी गई रकम को जमा कराते थे। जैसे ही बैंक में पैसे आते थे ये तुरंत निकाल लेते थे। इसके साथ ही कस्टम केयर एजेंट व अन्य अधिकारी बनते थे। पुलिस ने इसके पास से छह मोबाइल फोन और 10 सिमकार्ड बरामद किए गए हैं। 
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