{"_id":"5e8c116b8ebc3e6fa93b1e01","slug":"after-offering-campus-placement-now-companies-should-give-jobs-nishank","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंपस प्लेसमेंट में ऑफर देने के बाद अब कंपनियों दें नौकरियांः निशंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंपस प्लेसमेंट में ऑफर देने के बाद अब कंपनियों दें नौकरियांः निशंक
Tue, 07 Apr 2020 11:06 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 07 Apr 2020 11:06 AM IST
सार
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कंपनियों को पत्र लिखा है। इसमें प्लेसमेंट सत्र में नौकरी और इंटर्नशिप देने वाली कंपनियों से कोरोना संकट में भी नौकरियां देने की अपील की गई है।
विज्ञापन
job
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कंपनियों को पत्र लिखा है। इसमें प्लेसमेंट सत्र में नौकरी और इंटर्नशिप देने वाली कंपनियों से कोरोना संकट में भी नौकरियां देने की अपील की गई है। शीर्ष कंपनियों ने आईआईटी, आईआईएम समेत उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को ईमेल के माध्यम से नौकरी न दे पाने की दिक्कत बताई है। इसी के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए कंपनियों से अपना फैसले बदलने का आग्रह किया है। इसके साथ चेतावनी भी दी है कि संकट तो निकल जाएगा पर यह फैसला भविष्य में उनके लिए नुकसानदायक होगा।
निशंक ने कहा है कि कोरोना वैश्विक महामारी है और सब मिलकर इस वायरस पर जीत हासिल कर ही लेंगे। इसके चलते यह संकट अल्पकालिक है और सरकार जल्द से जल्द देश को इस संकट से निकालने के लिए तत्पर व प्रतिबद्ध है। इस वर्ष कैंपस प्लेसमेंट के तहत नौकरी के इंतजार में बैठे छात्रों की चिंता जानते हैं। "हमने ऐसे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पहले ही कंपनियों से आग्रह किया है कि वो कोरोना वायरस महामारी की वजह से हुए संकट को ध्यान रखते हुए उनको कैंपस प्लेसमेंट में तय वायदे के तहत नौकरी दें।
कुछ कंपनियों ने कैंपस प्लेसमेंट में दी नियुक्तियों को अमान्य कर दिया है। कंपनियों को यह समझना चाहिए कि अभी संकट है, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा। ऐसे में नियुक्तियों को अमान्य करना ठीक नहीं है। कंपनियां होनहार छात्रों को नौकरियों पर रख कर ही इस संकट से जल्द से जल्द उबर सकती हैं।
विज्ञापन
ये छात्र ही भविष्य में देश को आगे ले जायेंगे। इसके अलावा उन्होनें कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में मानव संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली सभी संस्थाओं के प्रयासों को सराहा और मंत्रालय द्वारा चलाये जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इससे पहले आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रामगोपाल राव ने भी कंपनियों से अपील की थी कि वे संकट के इस दौरान में छात्रों के प्रति थोड़ा नरम रवैया अपनाएं।
विज्ञापन
निशंक ने कहा है कि कोरोना वैश्विक महामारी है और सब मिलकर इस वायरस पर जीत हासिल कर ही लेंगे। इसके चलते यह संकट अल्पकालिक है और सरकार जल्द से जल्द देश को इस संकट से निकालने के लिए तत्पर व प्रतिबद्ध है। इस वर्ष कैंपस प्लेसमेंट के तहत नौकरी के इंतजार में बैठे छात्रों की चिंता जानते हैं। "हमने ऐसे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पहले ही कंपनियों से आग्रह किया है कि वो कोरोना वायरस महामारी की वजह से हुए संकट को ध्यान रखते हुए उनको कैंपस प्लेसमेंट में तय वायदे के तहत नौकरी दें।
विज्ञापन
कुछ कंपनियों ने कैंपस प्लेसमेंट में दी नियुक्तियों को अमान्य कर दिया है। कंपनियों को यह समझना चाहिए कि अभी संकट है, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा। ऐसे में नियुक्तियों को अमान्य करना ठीक नहीं है। कंपनियां होनहार छात्रों को नौकरियों पर रख कर ही इस संकट से जल्द से जल्द उबर सकती हैं।
विज्ञापन
ये छात्र ही भविष्य में देश को आगे ले जायेंगे। इसके अलावा उन्होनें कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में मानव संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली सभी संस्थाओं के प्रयासों को सराहा और मंत्रालय द्वारा चलाये जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इससे पहले आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रामगोपाल राव ने भी कंपनियों से अपील की थी कि वे संकट के इस दौरान में छात्रों के प्रति थोड़ा नरम रवैया अपनाएं।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कंपनियों को पत्र लिखा है। इसमें प्लेसमेंट सत्र में नौकरी और इंटर्नशिप देने वाली कंपनियों से कोरोना संकट में भी नौकरियां देने की अपील की गई है।