तो क्या राजनीति छोड़ देंगे कुमार विश्वास?
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लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद आम आदमी पार्टी लगातार आपसी कलह से जूझ रही है। एक के बाद एक नेताओं की ओर से हो रही इस्तीफे और बयानबाजी से अंदरूनी झगड़ा पूरी तरह उजागर हो गया।
यही नहीं, इस बार आप की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्रकारिणी बैठक इसी झगड़े भेंट चढ़ गई। लेकिन कुमार विश्वास इस बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने तीनों दिन मीटिंग से दूरी बनाए रखी।
इसी बीच कुमार विश्वास को किसी और पार्टी से न्योता मिलने की खबरें आई थीं। लेकिन कुमार विश्वास ने इनका खंडन करते हुए अपने बीमार होने के बात की थी, लेकिन अब वह ठीक हो गए हैं और ठीक होते ही यह चौंकाने वाला बयान दिया है।
कड़ी मेहनत के बाद भी मिली थी करारी हार
लोकसभा चुनाव में कुमार विश्वास को कड़ी मेहनत के बाद भी करारी हार का सामना करना पड़ा था। कुमार विश्वास ने राहुल गांधी को चैलेंज कर अमेठी में चुनाव लड़ा था।
यही नहीं, चुनाव से चार महीने पहले ही अमेठी में जाकर जम गए थे और पूरी क्षमता के साथ प्रचार-प्रसार किया था। लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था।
अमेठी में वह चौथे स्थान पर रहे। उन्हें महज 25527 वोट मिले। जबकि राहुल गांधी को 408651 वोट। इस करारी हार से कुमार विश्वा अभी तक उबर नहीं पाए हैं। अब उनका राजनीति छोड़ने वाला बयान बेहद चौंकाने वाला है।
मां शारदा की आज्ञा से फिर से लेखन में
कुमार विश्वास ने आम आदमी पार्टी की बैठक में शामिल न हो पाने का कारण अपनी तबीयत ठीक न होना बताया था। लेकिन अब वह ठीक हो गए हैं।
उन्होंने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर अपनी खैरियत लिखते हुए कहा है कि 'तबियत थोड़ी ठीक हुई है, लेकिन कुछ भी खाया नहीं जा रहा। गले में गहरे छाले हो गए हैं। शायद कंठ कह रहा है कि राजनीती के कर्कश ककहरे की बजाय शब्द के सौंदर्य का नवनीत खिलाओ। जो आदेश मां शारदा के स्वर मार्ग।'
इसके बाद उनके राजनीति छोड़कर फिर से लेखन में आगे बढ़ने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। दरअसल, इसका एक कारण अमेठी में कुमार की हार को भी माना रहा है।