केजरीवाल ने AAP उम्मीदवारों को ठग दिया
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आम आदमी पार्टी (आप) के संभावित विधानसभा प्रत्याशी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के फैसले से अपने-आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे लोगों के दबाव के बीच प्रदेश कार्यकारिणी केजरीवाल पर अब भावनात्मक दबाव बनाने की मुद्रा में आ गई है।
इस बीच मेवात और गुड़गांव में पार्टी के संभावित उम्मीदवार एवं वरिष्ठ नेताओं ने साफ कर दिया कि उनके पार्टी संयोजक का ही फैसले को सर्वोपरि रहेगा।
इसलिए निराश हैं उम्मीदवार
लोकसभा चुनाव के दौरान से गुड़गांव और मेवात की सात विधानसभा सीटों पर पार्टी के करीब दो दर्जन नेता टिकट की दावेदारी में जुटे थे। लेकिन उनकी दावेदारी के सपने को मंगलवार को उस समय गहरा झटका लगा, जब पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी और प्रदेश कार्यकारिणी के चुनाव लड़ने के फैसले को नकारते हुए चुनाव नहीं लड़ने का हुक्म सुना दिया।
हालांकि पार्टी में कहीं न कहीं अरविंद के प्रति एक असंतोष का भाव जरूर नजर आ रहा है, लेकिन उसे साफ तौर पर कहने से नेता परहेज कर रहे हैं। पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं मेवात के कद्दावर नेता चौधरी मोहम्मद रमजान ने कहा कि फैसला हताश और निराश करने वाला है।
प्रदेश में 95 फीसदी कार्यकर्त्ता चुनाव लड़ने की पर राजी है। प्रदेश और केंद्र स्तर पर भी फैसला हो गया, लेकिन अरविंद ने मना कर दिया है। पार्टी उनसे दोबारा आग्रह कर रही है। दूसरी ओर गुड़गांव से टिकट के दावेदारों में शामिल अभय जैन ने कहा कि हाई कमान का फैसला सर्वमान्य होगा।