केजरीवाल समेत AAP के तीन दिग्गजों को मिली जमानत
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बीजेपी नेता नितिन गड़करी की ओर से दायर मानहानि के मामले जमानत न लेने वाले आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल अब बदले-बदले से नजर आ रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनावों में शाहदरा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बदलने के मुद्दे पर दायर मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया तथा योगेंद्र यादव को अदालत ने जमानत दे दी है।
तीनों को आपराधिक षड़यंत्र व धोखाधड़ी के आरोप से राहत देते हुए अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए साक्ष्य नहीं है।
तीनों नेताओं ने भरा बॉन्ड
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मुनीश गर्ग के समक्ष बुधवार को तीनों पेश हुए। उनके वकील ऋषिकेश कुमार ने जमानत आवेदन दायर किया।
अदालत ने तीनों को 10-10 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा कर दिया। अदालत ने मामले की सुनवाई 16 अगस्त तय की है।
अदालत ने अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार शर्मा की शिकायत पर इन लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 499ए, 500 के तहत मानहानि के आरोप में समन किया था।
ये है पूरा मामला
अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2013 में ‘आप’ के स्वयंसेवकों ने उनसे दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने ‘आप’ के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए आवेदन पत्र भर दिया।
बाद में मनीष सिसौदिया और योगेंद्र यादव ने उन्हें बताया कि पार्टी के राजनैतिक मामलों की समिति ने उन्हें टिकट देने का फैसला मान्य नहीं किया।
याची का कहना है कि उन्होंने टिकट मिलने की सूचना के आधार पर अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था और इस अभियान में लगभग पांच लाख का खर्च कर चुके थे लेकिन 14 अक्तूबर 2013 को प्रमुख अखबारों में कुछ ऐसे लेख पढ़े, जिनमें उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था।