क्या उन 28 नेपाली लड़कियों को भी बनाया जा रहा हवस का शिकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सऊदी अरब में नौकरी दिलाने के भरोसे पर मोरंग जिले की कल्पना नामक एजेंट के जरिए दक्षिण भारत के अनवर नामक एजेंट के पास भेजी गईं 28 लड़कियों का अब कोई अतापता नहीं है।
यह जानकारी इस पूरे मामले को उजागर करने वाली संस्था मैती ने दी है। उनका कहना है कि नेपाल में आए भूकंप के बाद बड़ी संख्या में वहां की लड़कियां रोजगार के सिलसिले में बाहर निकल रही हैं।
कानूनी दांवपेच के चलते पुलिस को इस मामले में विदेश मंत्रालय से अनुमति का इंतजार है। मामला हाईप्रोफाइल रहने के कारण पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
वर्ष 1961 के वियना संधि के तहत एंबेसी में कार्यरत किसी भी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई करने से पहले विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होती है। सऊदी अरब एंबेसी की ओर से साफ तौर पर हरियाणा पुलिस पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया गया है।
इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई है। पुलिस के सामने एक ओर नेपाल की पीड़ित लड़कियां हैं तो दूसरी ओर सऊदी अरब है। मामले के खुलासे पर मामला दर्ज कर इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय, सऊदी अरब एंबेसी व पुलिस महानिदेशक को भेजी जा चुकी है।
क्या वो भी बन रहीं हवस का शिकार?
नेपाली लोगों के हक के लिए काम करने वाली गैर सरकारी संस्था मैती इंडिया के प्रमुख बालकिशन पांडे ने कहा है कि नेपाल की 28 और लड़कियों का पता नहीं चला है जो मोरंग जिले की कल्पना नामक एजेंट के जरिये दक्षिण भारत के अनवर नामक एजेंट के पास भेजी गई थीं।
पांडे का कहना है कि नेपाल में आए भूकंप के बाद वहां से लड़कियां नौैकरी की लालच में घर छोड़ रही हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि गलत एजेंटों के हाथों वह किसी दलदल में फंसाई जा रही हैं।
पांडे का कहना है कि इन 28 लड़कियों को भी सऊदी अरब में अच्छी नौकरी का भरोसा दिलाकर नेपाल से अनवर के पास भेजा गया था। इस मामले की जांच-पड़ताल करवाने के लिए वह बृहस्पतिवार को नेपाल जा रहे हैं।
वहां की सरकार से मिलकर इस मामले की जांच की मांग करेंगे। उन्हें अंदेशा है कि इन लड़कियों को भी कहीं हवस का शिकार बनाया जा रहा है।
मेडिकल जांच के लिए अलग से बनाया बोर्ड
भारत में सऊदी अरब के राजदूत के फर्स्ट सेक्रेटरी पर दो नेपाली लड़कियों से दुष्कर्म होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विदेश मंत्रालय, सऊदी अरब और नेपाल एंबेसी के दखल के बाद बुधवार को पुलिस ने पीड़ित लड़कियों का दोबारा मेडिकल चेकअप कराया।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट विदेश मंत्रालय, सऊदी अरब, नेपाल एंबेसी और हरियाणा पुलिस के महानिदेशक को भेजी गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलग से पांच डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड बनाया।
बुधवार दोपहर बाद दोनों पीड़ितों का मेडिकल चेकअप किया गया। जबकि मंगलवार को पुलिस ने मेडिकल चेकअप और रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि के बाद ही एफआईआर दर्ज की थी।
क्यों कुछ नहीं बोल रही पुलिस
जबकि बुधवार की रिपोर्ट के बारे में पुलिस अभी कुछ भी कहने से बच रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस बारे में मुंह नहीं खोल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक उसे रिपोर्ट नहीं मिली है।
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक करीब दो घंटे मेडिकल परीक्षण किया गया। जिसके बाद बोर्ड ने प्रधान चिकित्सा अधिकारी और सिविल सर्जन की भी राय ली है।
मामला दूतावास और भारत के मैत्री देश होने के कारण पूरे मामले में सावधानी बरती जा रही है। अधिकारिक तौर पर कोई भी अधिकारी कुछ कहने से बच रहा है।