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Delhi NCR News: एच1एन1 के 2308, फ्लू के 3000 केस, सभी अस्पताल अलर्ट
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दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने की समीक्षा बैठक, कहा- घबराने की जरूरत नहीं, सभी तैयारियां पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में मौसमी फ्लू और वेक्टर जनित बीमारियों के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सोमवार को अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक की। उसमें स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एच1एन1 के 2308 और इन्फ्लुएंजा ए+बी के 3000 केस दिल्ली में हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अस्पताल अलर्ट पर हैं इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली सरकार की अस्पतालों में तैयारी पूरी है। बैठक में एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट के अधिकारी भी शामिल हुए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस वर्ष एच1एन1 प्रमुख सबटाइप हैं, जबकि पिछले साल एच3एन2 था। वहीं, डेंगू के 570 और मलेरिया के 215 केस मिले हैं। राहत की बात है कि डेंगू-मलेरिया से इस साल अब तक कोई मौत नहीं हुई है।
बैठक में तय हुआ कि एएलआई/ एचएआरआई सर्विलांस को और मजबूत किया जाएगा, मामलों की जल्द पहचान, समय पर रिपोर्टिंग और एंटीवायरल दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। केंद्र की एडवाइजरी सभी अस्पतालों और विभागों को भेज दी गई है।
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जमीनी स्तर पर दिखे काम, सिर्फ रिपोर्ट में नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों की तैयारी, सर्विलांस, दवाओं और टेस्टिंग सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तैयारियां सिर्फ रिपोर्ट और आंकड़ों तक सीमित न रहें, असर जमीन पर दिखना चाहिए। पिछले हफ्ते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ बैठक में केंद्र ने पूरा सहयोग का आश्वासन दिया है।
एमसीडी-एनडीएमसी को फॉगिंग तेज करने के निर्देश
डेंगू-मलेरिया नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने तीनों एजेंसियों को एंटी-लार्वा गतिविधियां, स्प्रेइंग और फॉगिंग तेज करने को कहा। विशेष रूप से स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को खत्म करने पर जोर दिया। सभी एजेंसियों से जागरूकता शिविर और आईईसी गतिविधियों की टाइम-बाउंड एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गई है।
परिवहन विभाग, डीएमआरसी, एमसीडी, एनडीएमसी और कैंटोनमेंट के जरिए भीड़ वाले इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि दिल्ली की घनी आबादी और कनेक्टेड शहरी माहौल में सांस के संक्रमण तेजी से फैलते हैं, इसलिए समय पर जागरूकता बेहद जरूरी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में मौसमी फ्लू और वेक्टर जनित बीमारियों के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सोमवार को अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक की। उसमें स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एच1एन1 के 2308 और इन्फ्लुएंजा ए+बी के 3000 केस दिल्ली में हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अस्पताल अलर्ट पर हैं इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली सरकार की अस्पतालों में तैयारी पूरी है। बैठक में एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट के अधिकारी भी शामिल हुए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस वर्ष एच1एन1 प्रमुख सबटाइप हैं, जबकि पिछले साल एच3एन2 था। वहीं, डेंगू के 570 और मलेरिया के 215 केस मिले हैं। राहत की बात है कि डेंगू-मलेरिया से इस साल अब तक कोई मौत नहीं हुई है।
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बैठक में तय हुआ कि एएलआई/ एचएआरआई सर्विलांस को और मजबूत किया जाएगा, मामलों की जल्द पहचान, समय पर रिपोर्टिंग और एंटीवायरल दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। केंद्र की एडवाइजरी सभी अस्पतालों और विभागों को भेज दी गई है।
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जमीनी स्तर पर दिखे काम, सिर्फ रिपोर्ट में नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों की तैयारी, सर्विलांस, दवाओं और टेस्टिंग सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तैयारियां सिर्फ रिपोर्ट और आंकड़ों तक सीमित न रहें, असर जमीन पर दिखना चाहिए। पिछले हफ्ते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ बैठक में केंद्र ने पूरा सहयोग का आश्वासन दिया है।
एमसीडी-एनडीएमसी को फॉगिंग तेज करने के निर्देश
डेंगू-मलेरिया नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने तीनों एजेंसियों को एंटी-लार्वा गतिविधियां, स्प्रेइंग और फॉगिंग तेज करने को कहा। विशेष रूप से स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को खत्म करने पर जोर दिया। सभी एजेंसियों से जागरूकता शिविर और आईईसी गतिविधियों की टाइम-बाउंड एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गई है।
परिवहन विभाग, डीएमआरसी, एमसीडी, एनडीएमसी और कैंटोनमेंट के जरिए भीड़ वाले इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि दिल्ली की घनी आबादी और कनेक्टेड शहरी माहौल में सांस के संक्रमण तेजी से फैलते हैं, इसलिए समय पर जागरूकता बेहद जरूरी है।