{"_id":"6a99adac55145a79850eddc9","slug":"meeting-chaired-by-home-secretary-uttarakhand-cs-presented-the-proposal-for-a-national-workshop-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव के सामने रखा राष्ट्रीय कार्यशाला का प्रस्ताव, मिली सहमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव के सामने रखा राष्ट्रीय कार्यशाला का प्रस्ताव, मिली सहमति
Thu, 03 Sep 2026 10:58 PM IST
Alka Tyagi
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:58 PM IST
सार
कार्यशाला में गृह मंत्रालय, राज्य, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से लेकर हिमनद झीलों को लेकर कार्य कर रहे विभिन्न संस्थान के विशेषज्ञ शामिल होंगे और अपने अनुभव, जानकारी आदि को साझा करेंगे।
विज्ञापन
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई बैठक में हिमालयी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों की ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड और हिमस्खलन के जोखिमों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संबंधित विषय पर उत्तराखंड में राष्ट्रीय कार्यशाला कराने का प्रस्ताव रखा है, इस पर केंद्र ने सहमति प्रदान कर दी है।
विज्ञापन
इस कार्यशाला में गृह मंत्रालय, राज्य, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से लेकर हिमनद झीलों को लेकर कार्य कर रहे विभिन्न संस्थान के विशेषज्ञ शामिल होंगे और अपने अनुभव, जानकारी आदि को साझा करेंगे। इसके साथ ही ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की चुनौती से निपटने को लेकर मंथन किया जाएगा। केंद्र ने सहमति प्रदान कर दी है। अब इसकी तारीख तय की जाएगी। वहीं, बैठक में केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड और हिमस्खलन से निपटने की तैयारियां केवल प्रतिक्रिया-केंद्रित उपायों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि निवारक शमन उपायों और सामुदायिक स्तर की तैयारियों की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
उत्तराखंड: प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त, आदेश जारी
विज्ञापन
उन्होंने तैयारियों की योजनाओं की नियमित समीक्षा करने, प्रारंभिक चेतावनी व निकासी व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने तथा किसी भी घटना से पहले आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए केंद्र सरकार की वर्ष 2024 में स्वीकृत ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड शमन परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाई जानी चाहिए। उन्होंने अंतर-एजेंसी समन्वय को लगातार बनाए रखने, जोखिम संबंधी सूचनाओं के नियमित आदान-प्रदान तथा प्रारंभिक चेतावनी और प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत करने का निर्देश दिया।