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...तो जिसका जैसा चंदा, उसको वैसा दायित्व
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
भाजपा महानगर कार्यकारिणी की नई टीम के लिए कसरत शुरू हो चुकी है। नई कार्यकारिणी में दायित्व के लिए चंदे के चेकों की संख्या को कार्यकर्ताओं के फील्ड में सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में भाजपा आजीवन सहयोग निधि संग्रह अभियान में जिसने जितना चंदा जुटाया उसे महानगर भाजपा की टीम में उतना ही मजबूत दायित्व मिल सकता है। संगठन का मानना है कि सक्रिय कार्यकर्ताओं को दायित्व मिला तो सीधा फायदा आगामी नगर निगम चुनाव में होगा।
भाजपा महानगर के मुखिया विनय गोयल हैं। बतौर अध्यक्ष 15 अक्तूबर को उनकी ताजपोशी हुई थी। इससे पूर्व उमेश अग्रवाल अध्यक्ष थे। अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद विनय गोयल ने 41 लोगों की कार्यकारिणी में कोई फेरबदल नहीं किया। 25 दिसंबर से भाजपा का आजीवन सहयोग निधि संग्रह अभियान शुरू हुआ तो विनय गोयल को अपनी नई टीम खड़ी करने के लिए फील्ड में सक्रिय कार्यकर्ताओं को परखने का मौका भी मिल गया।
महानगर से चार करोड़ 12 लाख रुपये आठ हजार चेक के माध्यम से जमा हुए हैं। इनमें धर्मपुर विधानसभा टॉप पर है। नगर निगम सीमा विस्तार के बाद महानगर का दायरा भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में महानगर की 50 से अधिक लोगों की जंबोजेट कार्यकारिणी गठित होने के आसार हैं। भाजपा के बायलॉज के हिसाब से कार्यकारिणी में अध्यक्ष के अलावा छह मंत्री, छह उपाध्यक्ष, दो महामंत्री, एक कोषाध्यक्ष होंगे। बाकी कार्यकारिणी सदस्य नामित किए जाएंगे। कार्यकारिणी में स्थायी और विशेष सदस्यों को भी नामित किया जाएगा। स्थायी सदस्यों में सांसद, विधायक होंगे, जबकि विशेष सदस्यों में वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कार्यकारिणी के प्रमुख पदों पर दायित्व का दबाव भी है। ज्यादा चेक जमा करवाने वालों की प्रबल दावेदारी है। वहीं, कुछ नेता एवं जनप्रतिनिधि भी अपने चहेतों की सिफारिश कर दबाव बना रहे हैं। हालांकि दायित्व को लेकर सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेताओं की रायशुमारी भी होनी है। 25 फरवरी तक कार्यकारिणी घोषित होने की बात कही जा रही है।
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मोर्चो का भी होगा पुनर्गठन
महानगर की कार्यकारिणी के साथ सभी मोर्चों एवं प्रकोष्ठों का भी पुनर्गठन किया जाएगा। मोर्चो एवं प्रकोष्ठों की टीम में भी पार्टी के प्रति समर्पित एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं का दायित्व सौंपे जाएंगे।
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कार्यकारिणी में क्षेत्र में सक्रिय और कार्यकर्ताओं में सहभागिता करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की रायशुमारी भी ली जाएगी। नगर निगम चुनाव में महानगर की टीम का अहम रोल होगा। इसलिए दायित्व के लिए किसी तरह का सिफारिश काम नहीं आएगी।
-विनय गोयल, अध्यक्ष महानगर भाजपा
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भाजपा महानगर कार्यकारिणी की नई टीम के लिए कसरत शुरू हो चुकी है। नई कार्यकारिणी में दायित्व के लिए चंदे के चेकों की संख्या को कार्यकर्ताओं के फील्ड में सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में भाजपा आजीवन सहयोग निधि संग्रह अभियान में जिसने जितना चंदा जुटाया उसे महानगर भाजपा की टीम में उतना ही मजबूत दायित्व मिल सकता है। संगठन का मानना है कि सक्रिय कार्यकर्ताओं को दायित्व मिला तो सीधा फायदा आगामी नगर निगम चुनाव में होगा।
भाजपा महानगर के मुखिया विनय गोयल हैं। बतौर अध्यक्ष 15 अक्तूबर को उनकी ताजपोशी हुई थी। इससे पूर्व उमेश अग्रवाल अध्यक्ष थे। अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद विनय गोयल ने 41 लोगों की कार्यकारिणी में कोई फेरबदल नहीं किया। 25 दिसंबर से भाजपा का आजीवन सहयोग निधि संग्रह अभियान शुरू हुआ तो विनय गोयल को अपनी नई टीम खड़ी करने के लिए फील्ड में सक्रिय कार्यकर्ताओं को परखने का मौका भी मिल गया।
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महानगर से चार करोड़ 12 लाख रुपये आठ हजार चेक के माध्यम से जमा हुए हैं। इनमें धर्मपुर विधानसभा टॉप पर है। नगर निगम सीमा विस्तार के बाद महानगर का दायरा भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में महानगर की 50 से अधिक लोगों की जंबोजेट कार्यकारिणी गठित होने के आसार हैं। भाजपा के बायलॉज के हिसाब से कार्यकारिणी में अध्यक्ष के अलावा छह मंत्री, छह उपाध्यक्ष, दो महामंत्री, एक कोषाध्यक्ष होंगे। बाकी कार्यकारिणी सदस्य नामित किए जाएंगे। कार्यकारिणी में स्थायी और विशेष सदस्यों को भी नामित किया जाएगा। स्थायी सदस्यों में सांसद, विधायक होंगे, जबकि विशेष सदस्यों में वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कार्यकारिणी के प्रमुख पदों पर दायित्व का दबाव भी है। ज्यादा चेक जमा करवाने वालों की प्रबल दावेदारी है। वहीं, कुछ नेता एवं जनप्रतिनिधि भी अपने चहेतों की सिफारिश कर दबाव बना रहे हैं। हालांकि दायित्व को लेकर सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेताओं की रायशुमारी भी होनी है। 25 फरवरी तक कार्यकारिणी घोषित होने की बात कही जा रही है।
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मोर्चो का भी होगा पुनर्गठन
महानगर की कार्यकारिणी के साथ सभी मोर्चों एवं प्रकोष्ठों का भी पुनर्गठन किया जाएगा। मोर्चो एवं प्रकोष्ठों की टीम में भी पार्टी के प्रति समर्पित एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं का दायित्व सौंपे जाएंगे।
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कार्यकारिणी में क्षेत्र में सक्रिय और कार्यकर्ताओं में सहभागिता करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की रायशुमारी भी ली जाएगी। नगर निगम चुनाव में महानगर की टीम का अहम रोल होगा। इसलिए दायित्व के लिए किसी तरह का सिफारिश काम नहीं आएगी।
-विनय गोयल, अध्यक्ष महानगर भाजपा