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-चिकित्सकों के अभाव में रेफरल सेंटर बना सीएचसी साहिया
Updated Mon, 01 Jan 2018 02:01 AM IST
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चिकित्सकों के अभाव में रेफरल सेंटर बना सीएचसी साहिया
ब्यूरो/अमर उजाल/साहिया।
स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) साहिया रेफरल सेंटर वन गया है। 80 गांव का केंद्र बिंदु कहे जाने वाले इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के कई पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए 30 किमी दूर कालसी और विकासनगर जाना पड़ रहा है।
वर्ष 2002 में साहिया में 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्ष 2004 में भवन निर्माण के बाद नियमित रूप से साहिया सीएचसी का संचालन शुरू हो गया। अस्पताल के खुलने से 80 गांव के लोगों को बेहतर इलाज की उम्मीद जगी, लेकिन वर्तमान में जरनल सर्जन समेत आर्थोपैडिक, नेत्र रोग, रेडियोलॉजिस्ट, समेत स्टाफ नर्स, वॉर्ड ब्वॉय और एक्सरे टेक्नीशियन जैसे कई महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते अस्पताल में लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है और अधिकतर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। इंदर सिंह, अमित बिष्ट, जयपाल सिंह पंवार, ज्ञान सिंह राय, बचन सिंह चौहान आदि का कहना है कि विशेषज्ञों चिकित्सकों के न होने से कई बार मरीजों की जान तक पर बन आती है। हर बार विभाग विशेषज्ञों की कमी बता पल्ला झाड़ लेता है।
एक्सरे और डेंटल मशीन खराब
लोगों का आरोप है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्पताल में एक्सरे टेक्नीशियन और डेंटल की नियुक्ति की गई थी, लेकिन एक माह से एक्सरे और डेंटल मशीन खराब पड़ी है। इसके चलते वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने भी आना बंद कर दिया है।
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रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा गया है। खराब पड़ी मशीनों को ठीक करने के लिए इंजीनियर्स को बुलाया गया है।
-डॉ. दिनेश चौहान, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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ब्यूरो/अमर उजाल/साहिया।
स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) साहिया रेफरल सेंटर वन गया है। 80 गांव का केंद्र बिंदु कहे जाने वाले इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के कई पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए 30 किमी दूर कालसी और विकासनगर जाना पड़ रहा है।
वर्ष 2002 में साहिया में 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्ष 2004 में भवन निर्माण के बाद नियमित रूप से साहिया सीएचसी का संचालन शुरू हो गया। अस्पताल के खुलने से 80 गांव के लोगों को बेहतर इलाज की उम्मीद जगी, लेकिन वर्तमान में जरनल सर्जन समेत आर्थोपैडिक, नेत्र रोग, रेडियोलॉजिस्ट, समेत स्टाफ नर्स, वॉर्ड ब्वॉय और एक्सरे टेक्नीशियन जैसे कई महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते अस्पताल में लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है और अधिकतर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। इंदर सिंह, अमित बिष्ट, जयपाल सिंह पंवार, ज्ञान सिंह राय, बचन सिंह चौहान आदि का कहना है कि विशेषज्ञों चिकित्सकों के न होने से कई बार मरीजों की जान तक पर बन आती है। हर बार विभाग विशेषज्ञों की कमी बता पल्ला झाड़ लेता है।
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एक्सरे और डेंटल मशीन खराब
लोगों का आरोप है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्पताल में एक्सरे टेक्नीशियन और डेंटल की नियुक्ति की गई थी, लेकिन एक माह से एक्सरे और डेंटल मशीन खराब पड़ी है। इसके चलते वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने भी आना बंद कर दिया है।
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रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा गया है। खराब पड़ी मशीनों को ठीक करने के लिए इंजीनियर्स को बुलाया गया है।
-डॉ. दिनेश चौहान, प्रभारी चिकित्साधिकारी