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प्रदेश के हर व्यक्ति का तैयार होगा हेल्थ डाटा
Updated Sun, 06 May 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
आर्थिक सर्वे की तर्ज पर अब प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वे भी कराएगा। विश्व बैंक की मदद से उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत सर्वे करा हर व्यक्ति का हेल्थ डाटा एकत्र किया जाएगा। जिसमें व्यक्ति को पूर्व में हुई बीमारियों, उनके इलाज संबंधी सभी जानकारी होगी। इस डाटा को एक सॉफ्टवेयर में फीड किया जाएगा। जिसकी मदद से डॉक्टर के पास जाने पर मरीज के एक कोड नंबर बताने पर सारी जानकारी डॉक्टर सॉफ्टवेयर में देख सकेंगे। इससे डॉक्टरों को मरीज के उपचार में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य परियोजना निदेशक युगल किशोर पंत ने बताया कि सर्वे कराने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मदद से हेल्थ डाटा एकत्र किया जाएगा। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक का हेल्थ प्रोफाइल डाटा तैयार किया जाएगा। डाटा को एक सॉफ्टवेयर में फीड करने के बाद आधार कार्ड की तर्ज पर हर व्यक्ति को एक पासवर्ड जारी किया जाएगा। जिसे अस्पताल में इलाज करने पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों को बताना होगा। डॉक्टरों को कोड और पासवर्ड बताने पर डॉक्टर सॉफ्टवेयर में मरीज की स्वास्थ्य संबंधी डिटेल देख सकेंगे।
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आर्थिक सर्वे की तर्ज पर अब प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वे भी कराएगा। विश्व बैंक की मदद से उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत सर्वे करा हर व्यक्ति का हेल्थ डाटा एकत्र किया जाएगा। जिसमें व्यक्ति को पूर्व में हुई बीमारियों, उनके इलाज संबंधी सभी जानकारी होगी। इस डाटा को एक सॉफ्टवेयर में फीड किया जाएगा। जिसकी मदद से डॉक्टर के पास जाने पर मरीज के एक कोड नंबर बताने पर सारी जानकारी डॉक्टर सॉफ्टवेयर में देख सकेंगे। इससे डॉक्टरों को मरीज के उपचार में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य परियोजना निदेशक युगल किशोर पंत ने बताया कि सर्वे कराने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मदद से हेल्थ डाटा एकत्र किया जाएगा। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक का हेल्थ प्रोफाइल डाटा तैयार किया जाएगा। डाटा को एक सॉफ्टवेयर में फीड करने के बाद आधार कार्ड की तर्ज पर हर व्यक्ति को एक पासवर्ड जारी किया जाएगा। जिसे अस्पताल में इलाज करने पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों को बताना होगा। डॉक्टरों को कोड और पासवर्ड बताने पर डॉक्टर सॉफ्टवेयर में मरीज की स्वास्थ्य संबंधी डिटेल देख सकेंगे।
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