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हिंदुत्व मात्र एक धर्म नहीं सभ्यता है : आस कुमार
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के घटक वनवासी कल्याण आश्रम की शिक्षिकाओं को सरस्वती विद्या मंदिर बाबूगढ़ में संचालित 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में सोमवार को हिंदुत्व की रक्षा और राष्ट्रीय एकता का पाठ पढ़ाया गया।
बतौर मुख्य वक्ता सेवा प्रकल्प संस्थान के विभाग संगठन मंत्री आस कुमार ने कहा कि हिंदुत्व मात्र एक धर्म नहीं बल्कि सभ्यता है, जिसने विश्व को ज्ञान के साथ ही शांति और सद्भावना का संदेश दिया है। कहा कि हिंदू सभ्यता में कई संस्कृतियों का मिलन है। इन संस्कृतियों को एक बनाए रखने के लिए आदि गुरु शंकराचार्य ने चारों दिशाओं में चार पीठों की स्थापना की। इसका मकसद पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधे रखना था। उन्होंने शिक्षिकाओं को बताया कि जिन जनजातीय और आदिवासी क्षेत्रों में वह कार्य कर रहीं हैं, उन क्षेत्रों पर विदेशी ताकतें हिंदुओं का धर्मांतरण करने की कोशिश कर रहे हैं। कहा कि इस पर रोक लगाने के साथ ही बाहर से आए लोगों के बीच सामंजस्य बनाकर रखना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के साथ ही राष्ट्रीय एकता और हिदुत्व की रक्षा करना भी शिक्षक, शिक्षिकाओं का दायित्व है।
इस दौरान दीप चंद्र जोशी, सतीश गुप्ता, नरेश रावत, लक्ष्मी नारायण, संदीप, सुनील, बृजमोहन मंडल, दिनेश रावत आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के घटक वनवासी कल्याण आश्रम की शिक्षिकाओं को सरस्वती विद्या मंदिर बाबूगढ़ में संचालित 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में सोमवार को हिंदुत्व की रक्षा और राष्ट्रीय एकता का पाठ पढ़ाया गया।
बतौर मुख्य वक्ता सेवा प्रकल्प संस्थान के विभाग संगठन मंत्री आस कुमार ने कहा कि हिंदुत्व मात्र एक धर्म नहीं बल्कि सभ्यता है, जिसने विश्व को ज्ञान के साथ ही शांति और सद्भावना का संदेश दिया है। कहा कि हिंदू सभ्यता में कई संस्कृतियों का मिलन है। इन संस्कृतियों को एक बनाए रखने के लिए आदि गुरु शंकराचार्य ने चारों दिशाओं में चार पीठों की स्थापना की। इसका मकसद पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधे रखना था। उन्होंने शिक्षिकाओं को बताया कि जिन जनजातीय और आदिवासी क्षेत्रों में वह कार्य कर रहीं हैं, उन क्षेत्रों पर विदेशी ताकतें हिंदुओं का धर्मांतरण करने की कोशिश कर रहे हैं। कहा कि इस पर रोक लगाने के साथ ही बाहर से आए लोगों के बीच सामंजस्य बनाकर रखना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के साथ ही राष्ट्रीय एकता और हिदुत्व की रक्षा करना भी शिक्षक, शिक्षिकाओं का दायित्व है।
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इस दौरान दीप चंद्र जोशी, सतीश गुप्ता, नरेश रावत, लक्ष्मी नारायण, संदीप, सुनील, बृजमोहन मंडल, दिनेश रावत आदि मौजूद रहे।