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फूलों की घाटी में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने लगाए छह ट्रैक कैमरे
Updated Thu, 29 Nov 2018 09:43 PM IST
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जोशीमठ। विश्व धरोहर फूलों की घाटी में वन्यजीव तस्करों पर नजर रखने के लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने छह ट्रैप कैमरे लगाए हैं।ं पार्क प्रशासन की ओर से प्रतिवर्ष शीतकाल में घाटी में अलग-अलग जगहों पर कैमरे लगाए जाते हैं, ताकि वन्य जीव तस्करों पर नजर रखी जा सके।
फूलों की घाटी शीतकाल में पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद कर दी जाती है। घाटी एक जून से अक्तूबर माह तक ही पर्यटकों की आवाजाही के लिए खुली रहती है। घाटी में कई दुर्लभ जीव विचरण करते हैं। शीतकाल में घाटी में तस्करों की सक्रियता की आशंका बनी रहती है। वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए घाटी में ट्रैप कैमरे लगा दिए जाते हैं। साथ ही पार्क की टीम भी लगातार घाटी में लंबी दूरी की गश्त करती है। फूलों की घाटी के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती ने बताया कि इन दिनों घाटी में दो फीट तक बर्फ जमीं हुई है। ऐसे में दुर्लभ प्रजाति के जीव घाटी में साफ दिखाई देते हैं। इस दौरान वन्य जीव तस्करों की सक्रियता भी घाटी में बढ़ जाती है। तस्करों पर नजर रखने के लिए घाटी में छह ट्रैक कैमरे लगाए गए हैं।
फूलों की घाटी शीतकाल में पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद कर दी जाती है। घाटी एक जून से अक्तूबर माह तक ही पर्यटकों की आवाजाही के लिए खुली रहती है। घाटी में कई दुर्लभ जीव विचरण करते हैं। शीतकाल में घाटी में तस्करों की सक्रियता की आशंका बनी रहती है। वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए घाटी में ट्रैप कैमरे लगा दिए जाते हैं। साथ ही पार्क की टीम भी लगातार घाटी में लंबी दूरी की गश्त करती है। फूलों की घाटी के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती ने बताया कि इन दिनों घाटी में दो फीट तक बर्फ जमीं हुई है। ऐसे में दुर्लभ प्रजाति के जीव घाटी में साफ दिखाई देते हैं। इस दौरान वन्य जीव तस्करों की सक्रियता भी घाटी में बढ़ जाती है। तस्करों पर नजर रखने के लिए घाटी में छह ट्रैक कैमरे लगाए गए हैं।
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