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एनआईटी के छात्र अब सीधे केंद्र सरकार के सामने
Updated Mon, 26 Nov 2018 10:40 PM IST
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श्रीनगर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) परिसर के स्थानांतरण की मांग के लिए लगभग 55 दिनों से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे छात्र-छात्राएं आज मंगलवार से जंतर मंतर नई दिल्ली में धरना देंगे। छात्र-छात्राओं का कहना है कि अब वह तभी कक्षाओं में लौटेंगे, जब उनकी मांग पूरी होगी।
स्थायी परिसर के निर्माण, अस्थायी कैंपस को सुविधाजनक स्थान में ले जाने और अन्य मांगों के लिए एनआईटी के छात्र-छात्राएं चार अक्तूबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। 23 अक्तूबर को अधिकांश छात्र हॉस्टल छोड़कर घर चले गए। वर्तमान में लगभग 95 फीसदी छात्र लौटकर नहीं आए हैं। छात्रों की एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास विभाग) से भी वार्ता हुई, लेकिन बात नहीं बन पाई। अब संस्थान के छात्रों ने मीडिया को व्हाट्सएप के माध्यम से जंतर-मंतर में मंगलवार से अनिश्चितकालीन कालीन धरना देने की सूचना दी है। छात्रों का कहना है कि 11 नवंबर को एमएचआरडी सचिव ने संस्थान के निदेशक को ई-मेल भेजा था, जिसमें लिखा गया था कि अस्थायी परिसर आईडीपीएल ऋषिकेश में स्थानांतरित हो रहा है, लेकिन श्रीनगर में स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। नतीजन राज्य सरकार ने इससे मना कर दिया और एमएचआरडी ने इस आदेश को रोक दिया। इस वजह से छात्रों ने अब जंतर मंतर में अनिश्चितकालीन आंदोलन का निर्णय लिया है।
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स्थायी परिसर के निर्माण, अस्थायी कैंपस को सुविधाजनक स्थान में ले जाने और अन्य मांगों के लिए एनआईटी के छात्र-छात्राएं चार अक्तूबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। 23 अक्तूबर को अधिकांश छात्र हॉस्टल छोड़कर घर चले गए। वर्तमान में लगभग 95 फीसदी छात्र लौटकर नहीं आए हैं। छात्रों की एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास विभाग) से भी वार्ता हुई, लेकिन बात नहीं बन पाई। अब संस्थान के छात्रों ने मीडिया को व्हाट्सएप के माध्यम से जंतर-मंतर में मंगलवार से अनिश्चितकालीन कालीन धरना देने की सूचना दी है। छात्रों का कहना है कि 11 नवंबर को एमएचआरडी सचिव ने संस्थान के निदेशक को ई-मेल भेजा था, जिसमें लिखा गया था कि अस्थायी परिसर आईडीपीएल ऋषिकेश में स्थानांतरित हो रहा है, लेकिन श्रीनगर में स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। नतीजन राज्य सरकार ने इससे मना कर दिया और एमएचआरडी ने इस आदेश को रोक दिया। इस वजह से छात्रों ने अब जंतर मंतर में अनिश्चितकालीन आंदोलन का निर्णय लिया है।
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