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मलबे ने रोकी रफ्तार, 150 गांव का संपर्क कटा
Updated Fri, 27 Jul 2018 02:18 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी/चकराता/साहिया।
क्षेत्र में देर रात से जारी भारी बारिश के बीच जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में कालसी-चकराता और हरिपुर-कोटी-मीनस मोटर मार्ग समेत 33 छोटे-बड़े संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। फसलों से लदे कई वाहन बीच रास्ते में जगह-जगह फंसे हुए हैं। लोगों को जान जोखिम में डाल मलबे को पार कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। दिनभर लोनिवि के कर्मी सड़कों पर यातायात बहाल कराने के काम में जुटे रहे। करीब 14 घंटे बाद कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहाल हो सकी। अब भी 100 से अधिक गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है।
क्षेत्र में रात नौ बजे से शुरू हुई बारिश के बीच रात 12 बजे कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट समेत शंभू की चौकी, चुवाड़ी समेत कई जगहों पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। जिससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिसमें कई यात्री वाहनों के साथ ही फसलों से लदे वाहन फंस गए। बारिश थमने के बाद सुबह 10 बजे सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल कराई जा सकी। लेकिन 11 बजे एक बार फिर से क्षेत्र में बारिश का दौर शुरू हो गया। जिससे सड़क फिर से अवरुद्ध हो गई। दोपहर दो बजे आवाजाही पूर्ण रूप से बहाल हो सकी। इसके बाद भी पहाड़ी से रुक-रुक कर पत्थरों के लुढ़कने का सिलसिला जारी रहा। खतरे के अंदेशे के बीच लोगों ने बारिश रुकने तक सड़क से न गुजरने में ही अपनी भलाई समझी। इसके साथ ही अन्य सड़कों पर अब भी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। काश्तकारों की फसलें वाहनों में ही सड़ रही है। लोगों को विकासनगर आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं भी गांव तक पहुंचाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, हरिपुर-कोटी-मीनस मोटर मार्ग पर भी जगह-जगह मलबा आया हुआ है। खादर के पास मलबा आने से यहां सेना के जवानों से भरी बस भी फंस गई। लोनिवि ने जेसीबी की मदद से मलबे को हटा यातायात बहाल कराया।
ये सड़कें हुई बंद
लोनिवि (पीएमजीएसवाई) कालसी अंतर्गत त्यूनी-कथियान, सावड़ा-डुंगरी, पिपारा-मीनस-बाइला, लेल्टा-मंडोली, नगऊ, कोटा- तारली, ऊभरेऊ, हयो-टगरी, बाणाधार-चिल्हाड़, हनोल-चातरा, संवाई संपर्क मार्ग, लोनिवि चकराता अंतर्गत खरसी-अपर कुल्हा, लोनिवि(एडीबी) अंतर्गत कोटी-सराड़ी, ऊबेऊ-क्यारी, काहा-नेहरा-पुनाह, लोनिवि साहिया अंतर्गत हरिपुर-कोटी-इछाड़ी, समरजैंस, गडोल-सकरोल, साहिया-बैराटखाई, डाडुवा-कितरोली, बानसू-जखनोग, लखवाड़ संपर्क मार्ग, भुपेऊ, दोधा, कालसी-बैराटखाई, गास्की समेत 33 संपर्क मार्ग बंद हो गए।
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संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क पर शीघ्र यातायात बहाल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी
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क्षेत्र में देर रात से जारी भारी बारिश के बीच जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में कालसी-चकराता और हरिपुर-कोटी-मीनस मोटर मार्ग समेत 33 छोटे-बड़े संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। फसलों से लदे कई वाहन बीच रास्ते में जगह-जगह फंसे हुए हैं। लोगों को जान जोखिम में डाल मलबे को पार कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। दिनभर लोनिवि के कर्मी सड़कों पर यातायात बहाल कराने के काम में जुटे रहे। करीब 14 घंटे बाद कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहाल हो सकी। अब भी 100 से अधिक गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है।
क्षेत्र में रात नौ बजे से शुरू हुई बारिश के बीच रात 12 बजे कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट समेत शंभू की चौकी, चुवाड़ी समेत कई जगहों पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। जिससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिसमें कई यात्री वाहनों के साथ ही फसलों से लदे वाहन फंस गए। बारिश थमने के बाद सुबह 10 बजे सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल कराई जा सकी। लेकिन 11 बजे एक बार फिर से क्षेत्र में बारिश का दौर शुरू हो गया। जिससे सड़क फिर से अवरुद्ध हो गई। दोपहर दो बजे आवाजाही पूर्ण रूप से बहाल हो सकी। इसके बाद भी पहाड़ी से रुक-रुक कर पत्थरों के लुढ़कने का सिलसिला जारी रहा। खतरे के अंदेशे के बीच लोगों ने बारिश रुकने तक सड़क से न गुजरने में ही अपनी भलाई समझी। इसके साथ ही अन्य सड़कों पर अब भी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। काश्तकारों की फसलें वाहनों में ही सड़ रही है। लोगों को विकासनगर आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं भी गांव तक पहुंचाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, हरिपुर-कोटी-मीनस मोटर मार्ग पर भी जगह-जगह मलबा आया हुआ है। खादर के पास मलबा आने से यहां सेना के जवानों से भरी बस भी फंस गई। लोनिवि ने जेसीबी की मदद से मलबे को हटा यातायात बहाल कराया।
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ये सड़कें हुई बंद
लोनिवि (पीएमजीएसवाई) कालसी अंतर्गत त्यूनी-कथियान, सावड़ा-डुंगरी, पिपारा-मीनस-बाइला, लेल्टा-मंडोली, नगऊ, कोटा- तारली, ऊभरेऊ, हयो-टगरी, बाणाधार-चिल्हाड़, हनोल-चातरा, संवाई संपर्क मार्ग, लोनिवि चकराता अंतर्गत खरसी-अपर कुल्हा, लोनिवि(एडीबी) अंतर्गत कोटी-सराड़ी, ऊबेऊ-क्यारी, काहा-नेहरा-पुनाह, लोनिवि साहिया अंतर्गत हरिपुर-कोटी-इछाड़ी, समरजैंस, गडोल-सकरोल, साहिया-बैराटखाई, डाडुवा-कितरोली, बानसू-जखनोग, लखवाड़ संपर्क मार्ग, भुपेऊ, दोधा, कालसी-बैराटखाई, गास्की समेत 33 संपर्क मार्ग बंद हो गए।
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संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क पर शीघ्र यातायात बहाल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी