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चुफलागाड से कटाव से 35 आवासीय भवन खतरे की जद में, कृषि भूमि बही-compat
Updated Mon, 09 Jul 2018 10:28 PM IST
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घाट। क्षेत्र में छह घंटे की मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है। चुफलागाड में उफान आने से कई हेक्टेयर कृषि भूमि मलबे में दफन हो गई। भैंटी-पथोली और कुंगुर्चा-स्यांरी पैदल मार्ग पर निर्मित पैदल पुलिया बह गई। घाट-भैंटी मोटर मार्ग अवरुद्घ हो गया, जो सोमवार को सुबह ग्यारह बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खुल पाया। भारी बारिश से नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। अनहोनी की आशंका से भयभीत ग्रामीण रात को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए।
घाट क्षेत्र में रविवार को रात करीब 11 बजे शुरू हुई भारी बारिश सोमवार सुबह करीब पांच बजे थमी। इस दौरान चुफलागाड में उफान आने से किनारे बसे घाट, तेलांण, बांजबगड़, बंगाली, भेंटी, लांखी, सरपाणी, उस्तोली, सैंती, फाली, फरखेत, कुमजुग, मथकोट, सुंग-ल्वांणी, चरबंग, लुणतरा, कुरुड़ और घिंघराण गांव के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। नदी से करीब 35 आवासीय भवनों को खतरा बना हुआ है।
जिला पंचायत सदस्य गुड्डू लाल, पंकज मैंदोली, नंदन सिंह रावत, शंभू प्रसाद और महिपाल सिंह का कहना है कि खेतों में भारी मलबा भरने से कृषि भूमि नष्ट हो गई है। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने कहा कि घाट क्षेत्र में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मौके पर तहसील प्रशासन की टीम भेजी गई है। अधिकारियों को त्वरित राहत कार्य और बंद मार्गों को सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं।
घाट क्षेत्र में रविवार को रात करीब 11 बजे शुरू हुई भारी बारिश सोमवार सुबह करीब पांच बजे थमी। इस दौरान चुफलागाड में उफान आने से किनारे बसे घाट, तेलांण, बांजबगड़, बंगाली, भेंटी, लांखी, सरपाणी, उस्तोली, सैंती, फाली, फरखेत, कुमजुग, मथकोट, सुंग-ल्वांणी, चरबंग, लुणतरा, कुरुड़ और घिंघराण गांव के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। नदी से करीब 35 आवासीय भवनों को खतरा बना हुआ है।
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जिला पंचायत सदस्य गुड्डू लाल, पंकज मैंदोली, नंदन सिंह रावत, शंभू प्रसाद और महिपाल सिंह का कहना है कि खेतों में भारी मलबा भरने से कृषि भूमि नष्ट हो गई है। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने कहा कि घाट क्षेत्र में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मौके पर तहसील प्रशासन की टीम भेजी गई है। अधिकारियों को त्वरित राहत कार्य और बंद मार्गों को सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं।
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