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मूसलाधार बारिश से चांई गांव में जन जीवन अस्त व्यस्त, बिजली-पानी की आपूर्ति ठप-COORDINATION
Updated Fri, 08 Jun 2018 10:44 PM IST
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जोशीमठ। समीपवर्ती चांई गांव में बृहस्पतिवार रात ढाई घंटे की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बरसाती पानी गांव में घुसने से तीन गोशालाएं और 12 शौचालय ध्वस्त हो गए। बिजली और पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। खेतों में मलबा भरने से धान और मंडुवे की फसल बर्बाद हो गई। उपजिलाधिकारी ने बताया कि चांई गांव में आपदा से हुए नुकसान के आकलन के लिए टीम गठित कर दी गई है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर ग्रामीणों को मुआवजे के भुगतान के प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बृहस्पतिवार देर रात करीब 11 बजे चांई गांव में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। लगातार ढाई घंटे तक हुई बारिश से भारी मात्रा में पानी गांव में घुस आया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। गांव के दलीप सिंह, दिनेश बिष्ट और विजेंद्र लाल की गोशालाएं ढहकर गिर गई, जबकि ग्रामीण विजेंद्र की गोशाला में बंधी दो गाय जिंदा दफन हो गई। ईश्वर सिंह, देवेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह, बलवीर सिंह, आनंद सिंह, धूम सिंह सहित 12 ग्रामीणों के शौचालय भी पानी के तेज बहाव की भेंट चढ़ गए। विद्युत लाइन और पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। मारवाड़ी-चांई सड़क के पांच स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से गांव अलग-थलग पड़ गया है। दो सौ नाली कृषि भूमि बर्बाद हो गई है। पहाड़ी से आया टनों मलबा खेतों में भरने से धान और मंडुवे की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह का कहना है कि पहाड़ी से आए पानी के पांच धाराओं में बंट जाने से गांव में नुकसान कम हुआ है, लेकिन कृषि भूमि पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। उन्होंने प्रशासन से गांव का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों को मुआवजा देने की मांग उठाई है।
बृहस्पतिवार देर रात करीब 11 बजे चांई गांव में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। लगातार ढाई घंटे तक हुई बारिश से भारी मात्रा में पानी गांव में घुस आया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। गांव के दलीप सिंह, दिनेश बिष्ट और विजेंद्र लाल की गोशालाएं ढहकर गिर गई, जबकि ग्रामीण विजेंद्र की गोशाला में बंधी दो गाय जिंदा दफन हो गई। ईश्वर सिंह, देवेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह, बलवीर सिंह, आनंद सिंह, धूम सिंह सहित 12 ग्रामीणों के शौचालय भी पानी के तेज बहाव की भेंट चढ़ गए। विद्युत लाइन और पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। मारवाड़ी-चांई सड़क के पांच स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से गांव अलग-थलग पड़ गया है। दो सौ नाली कृषि भूमि बर्बाद हो गई है। पहाड़ी से आया टनों मलबा खेतों में भरने से धान और मंडुवे की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह का कहना है कि पहाड़ी से आए पानी के पांच धाराओं में बंट जाने से गांव में नुकसान कम हुआ है, लेकिन कृषि भूमि पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। उन्होंने प्रशासन से गांव का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों को मुआवजा देने की मांग उठाई है।
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