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पुलों पर भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग
Updated Thu, 17 May 2018 02:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
शक्ति नहर पर बने पुलों पर खनन सामग्री से लदे ओवरलोड ट्रक और डंपरों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग पर लोगों ने यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा कि रोक के बावजूद शक्ति नहर पर बने पुलों से ओवरलोड भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है। जिससे पुलों को खतरा बना हुआ है। वर्ष 2001 में ओवरलोड भारी वाहनों के कारण ही पुल नंबर-1 ढह गया था। वर्ष 2006 में आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ भी पुलों को भारी वाहनों से खतरा बता चुके हैं बावजूद इन पुलों पर अवैध खनन से भरे भारी वाहनों की आवाजाही नहीं रुक पा रही है। कहा पुलों के ढहने से कई गांवों का संपर्क आपस में कट सकता है। ऐसे में पुलों पर खनन से भरे वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए। उन्होंने पुलों की सुरक्षा के लिए इन पर गाडर लगाने की मांग की। नहर पर डाकपत्थर से लेकर ढालीपुर तक करीब आठ पुल हैं। जिनके रखरखाव का जिम्मा यूजेवीएनएल के पास है। ज्ञापन भेजने वालों में जोगिंदर सिंह, पंजाब सिंह, पासर, वतन चौधरी, साहिल, शेखर, संदीप, सुरेश, पलक, अर्जुन, नीरज आदि शामिल रहे।
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शक्ति नहर पर बने पुलों पर खनन सामग्री से लदे ओवरलोड ट्रक और डंपरों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग पर लोगों ने यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा कि रोक के बावजूद शक्ति नहर पर बने पुलों से ओवरलोड भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है। जिससे पुलों को खतरा बना हुआ है। वर्ष 2001 में ओवरलोड भारी वाहनों के कारण ही पुल नंबर-1 ढह गया था। वर्ष 2006 में आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ भी पुलों को भारी वाहनों से खतरा बता चुके हैं बावजूद इन पुलों पर अवैध खनन से भरे भारी वाहनों की आवाजाही नहीं रुक पा रही है। कहा पुलों के ढहने से कई गांवों का संपर्क आपस में कट सकता है। ऐसे में पुलों पर खनन से भरे वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए। उन्होंने पुलों की सुरक्षा के लिए इन पर गाडर लगाने की मांग की। नहर पर डाकपत्थर से लेकर ढालीपुर तक करीब आठ पुल हैं। जिनके रखरखाव का जिम्मा यूजेवीएनएल के पास है। ज्ञापन भेजने वालों में जोगिंदर सिंह, पंजाब सिंह, पासर, वतन चौधरी, साहिल, शेखर, संदीप, सुरेश, पलक, अर्जुन, नीरज आदि शामिल रहे।
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