{"_id":"5ae8a53c4f1c1b3b0b8b782b","slug":"15251960911212364-compat-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदरीनाथ धाम में 12364 तीर्थयात्रियों ने किए भगवान बदरीनाथ के दर्शन-compat","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदरीनाथ धाम में 12364 तीर्थयात्रियों ने किए भगवान बदरीनाथ के दर्शन-compat
Updated Tue, 01 May 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदरीनाथ। बदरीनाथ यात्रा के दूसरे दिन 12,364 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। दो दिनों में कुल 50,330 तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ में मौसम सामान्य बना हुआ है। तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन कर माणा गांव और अन्य धार्मिक स्थलों में भी पहुंच रहे हैं।
धाम में दूसरे दिन भी तड़के तीन बजे से ही दर्शनों को तीर्थयात्रियों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। पूर्वाह्न 11 बजे तक बदरीनाथ में तीर्थयात्रियों की खूब चहल-पहल रही। दोपहर में तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला कुछ धीमा हुआ, लेकिन फिर शाम चार बजे बाद यात्रियों की चहल-पहल शुरू हो गई।
पहली बार बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर पहुंचे गुजरात के परमानंद और जानकी भाई का कहना है कि वे दो वर्षों से बदरीनाथ की तीर्थयात्रा का कार्यक्रम बना रहे थे। इस बार बदरीनाथ के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उनके साथ गुजरात से 35 तीर्थयात्रियों का जत्था भी धाम में पहुंचा हुआ है।
विज्ञापन
हनुमान चट्टी में बढ़ी तीर्थयात्रियों की चहल-पहल
बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा शुरू होते ही हनुमान चट्टी में भी चहल-पहल बढ़ गई है। मंगलवार को हनुमान चट्टी में तीर्थयात्रियों का हुजूम उमड़ पड़ा।
हनुमान चट्टी श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष केंद्र हैं। कहा जाता है कि यह वही स्थान है, जहां राम भक्त हनुमान ने भीम का घमंड चूर किया था। गोत्र हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए जब पांडव स्वर्ग के लिए प्रस्थान कर रहे थे तो हनुमान चट्टी में रामभक्त हनुमान अपनी पूंछ फैलाए बैठे थे। भीम ने जब हनुमान को रास्ते से पूंछ हटाने के लिए कहा तो हनुमान ने उन्हें स्वयं पूंछ को रास्ते से अलग करने के लिए कह दिया। भीम हनुमान की पूंछ को हिला भी नहीं पाए। पूरी ताकत लगाने के बाद भी भीम से जब पूंछ नहीं हटाई जा सकी तो उन्होंने हनुमान का परिचय पूछा। हनुमान ने जैसे ही अपना परिचय दिया तो भीम सहित पांचों पांडव भाई नतमस्तक हो गए। ब्यूरो
विज्ञापन
धाम में दूसरे दिन भी तड़के तीन बजे से ही दर्शनों को तीर्थयात्रियों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। पूर्वाह्न 11 बजे तक बदरीनाथ में तीर्थयात्रियों की खूब चहल-पहल रही। दोपहर में तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला कुछ धीमा हुआ, लेकिन फिर शाम चार बजे बाद यात्रियों की चहल-पहल शुरू हो गई।
विज्ञापन
पहली बार बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर पहुंचे गुजरात के परमानंद और जानकी भाई का कहना है कि वे दो वर्षों से बदरीनाथ की तीर्थयात्रा का कार्यक्रम बना रहे थे। इस बार बदरीनाथ के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उनके साथ गुजरात से 35 तीर्थयात्रियों का जत्था भी धाम में पहुंचा हुआ है।
विज्ञापन
हनुमान चट्टी में बढ़ी तीर्थयात्रियों की चहल-पहल
बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा शुरू होते ही हनुमान चट्टी में भी चहल-पहल बढ़ गई है। मंगलवार को हनुमान चट्टी में तीर्थयात्रियों का हुजूम उमड़ पड़ा।
हनुमान चट्टी श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष केंद्र हैं। कहा जाता है कि यह वही स्थान है, जहां राम भक्त हनुमान ने भीम का घमंड चूर किया था। गोत्र हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए जब पांडव स्वर्ग के लिए प्रस्थान कर रहे थे तो हनुमान चट्टी में रामभक्त हनुमान अपनी पूंछ फैलाए बैठे थे। भीम ने जब हनुमान को रास्ते से पूंछ हटाने के लिए कहा तो हनुमान ने उन्हें स्वयं पूंछ को रास्ते से अलग करने के लिए कह दिया। भीम हनुमान की पूंछ को हिला भी नहीं पाए। पूरी ताकत लगाने के बाद भी भीम से जब पूंछ नहीं हटाई जा सकी तो उन्होंने हनुमान का परिचय पूछा। हनुमान ने जैसे ही अपना परिचय दिया तो भीम सहित पांचों पांडव भाई नतमस्तक हो गए। ब्यूरो