{"_id":"5ad4dac74f1c1be2798b49ea","slug":"15238990811-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेस अस्पताल के आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी हड़ताल पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेस अस्पताल के आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी हड़ताल पर
Updated Mon, 16 Apr 2018 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। वेतन और ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) भुगतान की मांग को बेस अस्पताल श्रीकोट गंगानाली के आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग कंपनी के बजाय अस्पताल के माध्यम से नियुक्ति की भी मांग की है। वहीं अस्पताल प्रबंधन हड़ताली कर्मचारियों को मनाता रहा, लेकिन कर्मी अपनी मांगों पर अड़े है। हड़ताल अगर जारी रहती है, तो अस्पताल में आपरेशन सहित अन्य काम प्रभावित होंगे।
गत 15 अप्रैल को आउटसोर्सिंग कंपनी का टेंडर समाप्त हो गया है। हालांकि मेडिकल कॉलेज/अस्पताल प्रबंधन के स्तर से अभी सफाई कार्य के लिए नए टेंडर जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में उक्त एजेंसी ही कार्य कर रही है, लेकिन रविवार दोपहर 12 बजे से एजेंसी के लगभग 60 कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। सोमवार को ऑफिस खुलने पर हड़ताली कर्मचारियों ने चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन से वार्ता की। कर्मचारियों ने बताया कि एजेंसी प्रतिमाह उनके वेतन से एक हजार रुपये पीएफ के रुप में काटती है, लेकिन आज तक उनको पीएफ के बारे में जानकारी नहीं दी गई। अब टेंडर समाप्त हो गया है। लिहाजा पीएफ का भुगतान किया जाए। कर्मचारियों की ओर से वार्ता करने आए सामाजिक कार्यकर्ता कुशलानाथ ने बताया कि एजेंसी ने कर्मचारियों का मार्च व अप्रैल माह के वेतन का भुगतान नहीं किया है। आवाज उठाने पर एजेंसी कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है। डा. जैन ने बताया कि एजेंसी को तत्काल मार्च का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएफ के विषय में भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। वार्ता में शुभम, मनोज, आशू, मोनू, योगेश, मनीष, राहुल, अतर सिंह, सविता, पूजा, अनीता, बबीता, बबली और सरिता आदि शामिल थे।
<<<<<<<<<<<<<<
गंदगी फैलाने का आरोप, खंगाले गए सीसीटीवी
श्रीनगर। हड़ताल पर गए कर्मियों पर अस्पताल के कार्यों में व्यवधान डालने का आरोप लगाया गया है। बेस अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर चले गए हैं। बताया जा रहा है कि रात के वक्त कतिपय कर्मचारियों ने अस्पताल के कुछ वार्डों में गंदगी फैला दी। अब संस्थान इन कर्मचारियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा है। संस्थान के प्राचार्य प्रो.सीएम रावत ने कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर सफाई कार्य में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों को ईएसआई और ईपीएफ नियमानुसार काटा जा रहा है। मार्च माह के वेतन का भुगतान एक सप्ताह के अंदर खातों में डाल दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गत 15 अप्रैल को आउटसोर्सिंग कंपनी का टेंडर समाप्त हो गया है। हालांकि मेडिकल कॉलेज/अस्पताल प्रबंधन के स्तर से अभी सफाई कार्य के लिए नए टेंडर जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में उक्त एजेंसी ही कार्य कर रही है, लेकिन रविवार दोपहर 12 बजे से एजेंसी के लगभग 60 कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। सोमवार को ऑफिस खुलने पर हड़ताली कर्मचारियों ने चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन से वार्ता की। कर्मचारियों ने बताया कि एजेंसी प्रतिमाह उनके वेतन से एक हजार रुपये पीएफ के रुप में काटती है, लेकिन आज तक उनको पीएफ के बारे में जानकारी नहीं दी गई। अब टेंडर समाप्त हो गया है। लिहाजा पीएफ का भुगतान किया जाए। कर्मचारियों की ओर से वार्ता करने आए सामाजिक कार्यकर्ता कुशलानाथ ने बताया कि एजेंसी ने कर्मचारियों का मार्च व अप्रैल माह के वेतन का भुगतान नहीं किया है। आवाज उठाने पर एजेंसी कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है। डा. जैन ने बताया कि एजेंसी को तत्काल मार्च का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएफ के विषय में भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। वार्ता में शुभम, मनोज, आशू, मोनू, योगेश, मनीष, राहुल, अतर सिंह, सविता, पूजा, अनीता, बबीता, बबली और सरिता आदि शामिल थे।
विज्ञापन
<<<<<<<<<<<<<<
गंदगी फैलाने का आरोप, खंगाले गए सीसीटीवी
श्रीनगर। हड़ताल पर गए कर्मियों पर अस्पताल के कार्यों में व्यवधान डालने का आरोप लगाया गया है। बेस अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर चले गए हैं। बताया जा रहा है कि रात के वक्त कतिपय कर्मचारियों ने अस्पताल के कुछ वार्डों में गंदगी फैला दी। अब संस्थान इन कर्मचारियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा है। संस्थान के प्राचार्य प्रो.सीएम रावत ने कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर सफाई कार्य में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों को ईएसआई और ईपीएफ नियमानुसार काटा जा रहा है। मार्च माह के वेतन का भुगतान एक सप्ताह के अंदर खातों में डाल दिया जाएगा।
विज्ञापन