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जंगल में भड़की आग, शिबऊ में जली गोशाला
Updated Sat, 20 Jan 2018 02:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
चकराता।
शिबऊ गांव से सटे जंगल में भड़की आग शुक्रवार को गांव तक पहुंच गई। जिससे गांव निवासी मुन्नाराम जोशी की गोशाला जल गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त गोशाला में कोई भी पशु नहीं था। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। पीड़ित पशुपालक ने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है। आग के कारणों का पता नहीं चल सका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिन से जंगल में आग भड़की हुई है। एक बड़े क्षेत्रफल में खड़ी वन संपदा जल चुकी है। विभाग को सूचित करने के बाद भी अब तक कोई भी विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। दूर से ही लपटें नजर आ रही हैं। ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग पर काबू पाने की बहुत कोशिश की, लेकिन आग बहुत विकराल है। जल्द ही यदि आग पर काबू नहीं पाया तो आग गांव के दूसरे घरों तक भी पहुंच सकती है। प्रधान शूरवीर सिंह, संतराम, पूरण सिंह का कहना है कि आग से ग्रामीणों के सामने चारा-पत्ती का संकट भी खड़ा हो गया है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी एमएस काला ने कहा कि मामले में संबंधित रेंज अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित को विभागीय नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इससे पूर्व पांच जनवरी को माख्टी से सटे जंगल में भी आग भड़क उठी थी।
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चकराता।
शिबऊ गांव से सटे जंगल में भड़की आग शुक्रवार को गांव तक पहुंच गई। जिससे गांव निवासी मुन्नाराम जोशी की गोशाला जल गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त गोशाला में कोई भी पशु नहीं था। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। पीड़ित पशुपालक ने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है। आग के कारणों का पता नहीं चल सका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिन से जंगल में आग भड़की हुई है। एक बड़े क्षेत्रफल में खड़ी वन संपदा जल चुकी है। विभाग को सूचित करने के बाद भी अब तक कोई भी विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। दूर से ही लपटें नजर आ रही हैं। ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग पर काबू पाने की बहुत कोशिश की, लेकिन आग बहुत विकराल है। जल्द ही यदि आग पर काबू नहीं पाया तो आग गांव के दूसरे घरों तक भी पहुंच सकती है। प्रधान शूरवीर सिंह, संतराम, पूरण सिंह का कहना है कि आग से ग्रामीणों के सामने चारा-पत्ती का संकट भी खड़ा हो गया है।
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उप प्रभागीय वनाधिकारी एमएस काला ने कहा कि मामले में संबंधित रेंज अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित को विभागीय नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इससे पूर्व पांच जनवरी को माख्टी से सटे जंगल में भी आग भड़क उठी थी।
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