{"_id":"5a47c13d4f1c1b8e698c4946","slug":"151465212816-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच माह बाद भी तीन बांडेंड डॉक्टर नहीं पहुंचे मेडिकल कॉलेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच माह बाद भी तीन बांडेंड डॉक्टर नहीं पहुंचे मेडिकल कॉलेज
Updated Sat, 30 Dec 2017 10:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी के तीन पीजी बांडेड (रियायती शुल्क में मेडिकल कोर्स का अनुबंध भरने वाले) चिकित्सकों ने मेडिकल कालेज में तैनाती नहीं दी है। पांच माह का समय बीतने के बाद कालेज प्रशासन ने इस बारे में महानिदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सूचना भेज दी है।
राज्य के सरकारी मेडिकल कालेजों में छात्र रियायती शुल्क में एमबीबीएस/पीजी कोर्स करते हैं। इसके लिए उनको सरकारी अस्पतालों में कुछ साल तक संविदा सेवा का बांड भरना पड़ता है। कोर्स पूरा करने के बाद संबंधित डाक्टरों को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से नियुक्ति दी जाती है।
ऐसे ही हल्द्वानी मेडिकल कालेज के चार बांडेड डाटरों को पीजी उत्तीर्ण करने के बाद चिकित्सा विभाग ने चिकित्सा शिक्षा विभाग आंवटित किया। जिनको चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 28 जुलाई 2017 को सीनियर रेजीडेंट (एसआर) के पद पर नियुक्ति देते हुए श्रीनगर मेडिकल कालेज में तैनाती के आदेश दिए। इनमें से सिर्फ सर्जरी विभाग में डा.आशीष जैसवाल ने 24 अगस्त को ज्वाइनिंग दी।
विज्ञापन
स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ डा. जीटी रेड्डी, नाक-कान एवं गला रोग विशेषज्ञ डा. तुषार शर्मा और नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. कल्पना कुमारी ने कोई ज्वाइनिंग नहीं दी। मेडिकल कालेज श्रीनगर के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि डाक्टरों ने ना तो ज्वाइनिंग दी और ना ही कोई सूचना भेजी। उनकी गैरहाजिरी की सूचना महानिदेशक को भेज दी गई है।
राज्य के सरकारी मेडिकल कालेजों में छात्र रियायती शुल्क में एमबीबीएस/पीजी कोर्स करते हैं। इसके लिए उनको सरकारी अस्पतालों में कुछ साल तक संविदा सेवा का बांड भरना पड़ता है। कोर्स पूरा करने के बाद संबंधित डाक्टरों को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से नियुक्ति दी जाती है।
विज्ञापन
ऐसे ही हल्द्वानी मेडिकल कालेज के चार बांडेड डाटरों को पीजी उत्तीर्ण करने के बाद चिकित्सा विभाग ने चिकित्सा शिक्षा विभाग आंवटित किया। जिनको चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 28 जुलाई 2017 को सीनियर रेजीडेंट (एसआर) के पद पर नियुक्ति देते हुए श्रीनगर मेडिकल कालेज में तैनाती के आदेश दिए। इनमें से सिर्फ सर्जरी विभाग में डा.आशीष जैसवाल ने 24 अगस्त को ज्वाइनिंग दी।
विज्ञापन
स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ डा. जीटी रेड्डी, नाक-कान एवं गला रोग विशेषज्ञ डा. तुषार शर्मा और नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. कल्पना कुमारी ने कोई ज्वाइनिंग नहीं दी। मेडिकल कालेज श्रीनगर के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि डाक्टरों ने ना तो ज्वाइनिंग दी और ना ही कोई सूचना भेजी। उनकी गैरहाजिरी की सूचना महानिदेशक को भेज दी गई है।