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शिक्षकों की मांग को लेकर छात्राओं ने एक घंटे तक तहसील में दिया धरना
Updated Wed, 27 Sep 2017 10:19 PM IST
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कर्णप्रयाग। शिक्षकों की मांग को लेकर राजकीय बालिका इंटर कालेज की छात्राएं बुधवार को सड़क पर उतर आईं। छात्राओं ने विद्यालय परिसर से तहसील परिसर तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और तहसील में एक घंटे तक धरना दिया। एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द शिक्षकों की तैनाती की मांग की। छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में महत्वपूर्ण विषयों में प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं, जिससे पढ़ाई चौपट हो रही है।
बुधवार दोपहर साढ़े बारह बजे के बाद जीजीआईसी की छात्राओं ने शिक्षकों की मांग को लेकर स्कूल से लेकर तहसील तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद दोपहर एक बजे से दो बजे तक तहसील में धरना दिया। इस दौरान विद्यालय की अध्यापक-अभिभावक संघ की अध्यक्ष भारती मिंगवाल सहित छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में प्रवक्ताओं के 10 पद स्वीकृत हैं, जिनमें लंबे समय से 7 प्रवक्ताओं के पद रिक्त पड़े हैं। स्थिति यह है कि विद्यालय में गणित, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषयों में लंबे समय से शिक्षक नहीं हैं। यही नहीं एलटी वेतनक्रम में भी गणित का शिक्षक सहित तीन पद लंबे समय से रिक्त हैं। ऐसे में विद्यालय में पढ़ने वाली करीब ढाई सौ से अधिक छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। भारती मिंगवाल ने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नहीं कर शिक्षा के बाजारवाद को बढ़ावा और गरीबों को शिक्षा से दूर कर रही है। प्रदर्शन करने वालों में अभिभावक हरीश चौहान, सावित्री देवी, हेमलता देवी और ऊषा देवी सहित विद्यालय की छात्राएं शामिल थीं।
बुधवार दोपहर साढ़े बारह बजे के बाद जीजीआईसी की छात्राओं ने शिक्षकों की मांग को लेकर स्कूल से लेकर तहसील तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद दोपहर एक बजे से दो बजे तक तहसील में धरना दिया। इस दौरान विद्यालय की अध्यापक-अभिभावक संघ की अध्यक्ष भारती मिंगवाल सहित छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में प्रवक्ताओं के 10 पद स्वीकृत हैं, जिनमें लंबे समय से 7 प्रवक्ताओं के पद रिक्त पड़े हैं। स्थिति यह है कि विद्यालय में गणित, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषयों में लंबे समय से शिक्षक नहीं हैं। यही नहीं एलटी वेतनक्रम में भी गणित का शिक्षक सहित तीन पद लंबे समय से रिक्त हैं। ऐसे में विद्यालय में पढ़ने वाली करीब ढाई सौ से अधिक छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। भारती मिंगवाल ने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नहीं कर शिक्षा के बाजारवाद को बढ़ावा और गरीबों को शिक्षा से दूर कर रही है। प्रदर्शन करने वालों में अभिभावक हरीश चौहान, सावित्री देवी, हेमलता देवी और ऊषा देवी सहित विद्यालय की छात्राएं शामिल थीं।
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