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गोपेश्वर में पानी के साथ नल पर आ रहे जीव-जंतुओं के अवशेष
Updated Tue, 19 Sep 2017 10:07 PM IST
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गोपेश्वर। नगर के लिए सप्लाई हो रही अमृत गंगा पेयजल योजना पर फिल्टर न होने से नलों पर पानी के साथ मिट्टी और कीड़े भी आ रहे हैं। सुभाष नगर मोहल्ले के वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अब लोग नल का पानी पीने से भी कतरा रहे हैं। लोगों ने कहा यदि अमृत गंगा पेयजल योजना पर फिल्टर की व्यवस्था नहीं की गई तो जल संस्थान, जल निगम और कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
वर्ष 2006 में शासन से अमृत गंगा पेयजल योजना को स्वीकृति मिली। 16 किमी लंबी इस योजना पर जल निगम ने साढ़े सात करोड़ रुपये खर्च किए। वर्ष 2015 में नगर की पुरानी पेयजल लाइनों पर अमृत गंगा का पानी सप्लाई किया गया, लेकिन योजना के शुरुआत में फिल्टर टैंक की कोई व्यवस्था न होने से नगर में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। पानी के साथ मिट्टी और अब कीड़े आ रहे हैं। एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष मनमोहन चतुरा का कहना है कि यदि जल्द ही फिल्टर की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं जल निगम के ईई वीके जैन का कहना है कि फिल्टर लगाने के लिए जिला योजना से वित्तीय मंजूरी मिल गई है। करीब छह लाख रुपये भी मिल गए हैं। जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। आगामी अक्तूबर माह से लोगों को दूषित पानी से निजात मिल जाएगी।
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