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महंगी दरों पर बिजली न खरीदे यूपीसीएल
Updated Sun, 05 Aug 2018 02:28 AM IST
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महंगी दरों पर बिजली न खरीदे यूपीसीएल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। शासन ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के महंगी दरों पर बिजली खरीदने पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में ऊर्जा सचिव राधिक झा ने यूपीसीएल प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग और राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से निर्धारित मानकों के आधार पर बिजली की खरीद की जाए।
ऊर्जा सचिव राधिका झा की ओर से भेजे गए पत्र में निर्देशित किया गया है कि बिजली खरीद को लेकर पहले से ही प्लानिंग, डिमांड और प्रोडक्शन का डाटा तैयार किया जाए। डीप पोर्टल के जरिये सस्ती दरों पर ही बिजली की खरीद की जाए। सचिव का कहना है कि एनर्जी एक्सचेंज समेत तमाम निजी बिजली कंपनियों से बिजली खरीदते समय प्रति यूनिट बिजली की दरों का मूल्यांकन किया जाए और जिस भी एजेंसी की बिजली दरें कम हों, उन्हीं से बिजली की खरीदारी की जाए।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों यूपीसीएल बोर्ड की बैठक के दौरान भी बिजली खरीद का मामला उठा था। पिछले दो तीन महीनों से यूजेवीएनएल में विद्युत उत्पादन कम होने की वजह से यूपीसीएल को सेंट्रल एनर्जी एक्सचेंज समेत अन्य एजेंसियों से बिजली खरीदनी पड़ रही है।
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इस संबंध में यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि बिजली की खरीद में केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग और नियामक आयोग के निर्देशों का अनुपालन कराया जा रहा है। बकौल मिश्रा वर्तमान में डीप पोर्टल के जरिये पांच रुपये छह पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली की खरीद की जा रही है। प्रबंध निदेशक का दावा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग ने जो दरें निर्धारित की हैं। उससे भी कम दरों पर भी बिजली की खरीद की जा रही है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। शासन ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के महंगी दरों पर बिजली खरीदने पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में ऊर्जा सचिव राधिक झा ने यूपीसीएल प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग और राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से निर्धारित मानकों के आधार पर बिजली की खरीद की जाए।
ऊर्जा सचिव राधिका झा की ओर से भेजे गए पत्र में निर्देशित किया गया है कि बिजली खरीद को लेकर पहले से ही प्लानिंग, डिमांड और प्रोडक्शन का डाटा तैयार किया जाए। डीप पोर्टल के जरिये सस्ती दरों पर ही बिजली की खरीद की जाए। सचिव का कहना है कि एनर्जी एक्सचेंज समेत तमाम निजी बिजली कंपनियों से बिजली खरीदते समय प्रति यूनिट बिजली की दरों का मूल्यांकन किया जाए और जिस भी एजेंसी की बिजली दरें कम हों, उन्हीं से बिजली की खरीदारी की जाए।
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उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों यूपीसीएल बोर्ड की बैठक के दौरान भी बिजली खरीद का मामला उठा था। पिछले दो तीन महीनों से यूजेवीएनएल में विद्युत उत्पादन कम होने की वजह से यूपीसीएल को सेंट्रल एनर्जी एक्सचेंज समेत अन्य एजेंसियों से बिजली खरीदनी पड़ रही है।
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इस संबंध में यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि बिजली की खरीद में केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग और नियामक आयोग के निर्देशों का अनुपालन कराया जा रहा है। बकौल मिश्रा वर्तमान में डीप पोर्टल के जरिये पांच रुपये छह पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली की खरीद की जा रही है। प्रबंध निदेशक का दावा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग ने जो दरें निर्धारित की हैं। उससे भी कम दरों पर भी बिजली की खरीद की जा रही है।