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दून अस्पताल में व्यवस्थाएं चौपट
Updated Tue, 28 Aug 2018 01:40 AM IST
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दून अस्पताल में व्यवस्थाएं चौपट
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड कार्मिक शिक्षक आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बुलाई गई कार्य बहिष्कार के चलते दून अस्पताल के तमाम उपनल कर्मियों ने भी कार्य बहिष्कार कर दिया कर्मचारियों के बहिष्कार के चलते जहां राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पटरी से उतर गई वही सैकड़ों मरीजों को बगैर इलाज कराएं बैरंग लौटना पड़ा।
अस्पताल के पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, महिला अस्पताल, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते मरीजों के पंजीकरण और बिल जमा कराने में दिक्कतें हुईं। मरीजों के डिजिटल एक्स-रे एमआरआई सीटी स्कैन का भी काम लगभग ठप रहा। समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं होने और बिल जमा नहीं होने की वजह से मरीजों को बगैर इलाज कराए लौटना पड़ा।
सबसे अधिक मरीजों को पैथोलॉजी जांच में आई दून अस्पताल में जहां प्रतिदिन औसतन 400 मरीजों का टेस्ट होता था। वहीं उपनलकर्मियों की हड़ताल के चलते महज सौ मरीजों के खून की जांच हो पाई। सबसे बुरी स्थिति सीटी स्कैन को लेकर रही, जहां सिर्फ पांच मरीजों का सीटी स्कैन किया जा सका। जबकि प्रतिदिन औसतन 20 मरीजों का सिटी स्कैन होता है। डिजिटल एक्स-रे को लेकर भी मरीज व तीमारदार परेशान नजर आए। डिजिटल एक्स-रे के कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार को महज 100 मरीजों का एक्सरे हो पाया, जबकि औसतन प्रतिदिन 200 मरीजों का डिजिटल एक्स-रे होता है।
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जहां तक भर्ती होने वाले मरीजों का सवाल है तो अस्पताल में महेश 8 मरीजों को भर्ती किया जा सका उपनल कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते अस्पताल में जहां पर दिन औसतन 2000 मरीजों का पंजीकरण होता है वही मैच 1250 मरीजों का पंजीकरण हो पाया दून अस्पताल के साथ ही महिला अस्पताल में भी मरीजों व तीमारदारों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा।
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कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों को लगाया
उपनलकर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते अस्पताल में पंजीकरण समेत तमाम काम ठप हो गए। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने विभिन्न कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों को पंजीकरण काउंटर से लेकर बिल काउंटर पर तैनात किया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जा सका। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कर्मचारियों द्वारा हाथ से पर्ची बनाए जाने के चलते काउंटर पर भारी भीड़ रही। इस दौरान मरीजों व कर्मचारियों के बीच जल्द पंजीकरण कराने को लेकर नोकझोंक की भी स्थिति बनी।
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कोट ....
उपनलकर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते कुछ दिक्कतें आ रही हैं। फिलहाल अस्पताल में उपलब्ध कर्मचारियों की मदद से पंजीकरण कराने के साथ ही टेक्नीशियन व पैरा मेडिकल की मदद से मरीजों का डिजिटल एक्सरे, एमआरआई व सीटी स्कैन कराया जा रहा है। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते कम मरीजाें का टेस्ट हो पाया है। इस संबंध में आला अफसरों को अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. केसी पंत, सीएमएस दून अस्पताल
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड कार्मिक शिक्षक आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बुलाई गई कार्य बहिष्कार के चलते दून अस्पताल के तमाम उपनल कर्मियों ने भी कार्य बहिष्कार कर दिया कर्मचारियों के बहिष्कार के चलते जहां राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पटरी से उतर गई वही सैकड़ों मरीजों को बगैर इलाज कराएं बैरंग लौटना पड़ा।
अस्पताल के पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, महिला अस्पताल, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते मरीजों के पंजीकरण और बिल जमा कराने में दिक्कतें हुईं। मरीजों के डिजिटल एक्स-रे एमआरआई सीटी स्कैन का भी काम लगभग ठप रहा। समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं होने और बिल जमा नहीं होने की वजह से मरीजों को बगैर इलाज कराए लौटना पड़ा।
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सबसे अधिक मरीजों को पैथोलॉजी जांच में आई दून अस्पताल में जहां प्रतिदिन औसतन 400 मरीजों का टेस्ट होता था। वहीं उपनलकर्मियों की हड़ताल के चलते महज सौ मरीजों के खून की जांच हो पाई। सबसे बुरी स्थिति सीटी स्कैन को लेकर रही, जहां सिर्फ पांच मरीजों का सीटी स्कैन किया जा सका। जबकि प्रतिदिन औसतन 20 मरीजों का सिटी स्कैन होता है। डिजिटल एक्स-रे को लेकर भी मरीज व तीमारदार परेशान नजर आए। डिजिटल एक्स-रे के कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार को महज 100 मरीजों का एक्सरे हो पाया, जबकि औसतन प्रतिदिन 200 मरीजों का डिजिटल एक्स-रे होता है।
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जहां तक भर्ती होने वाले मरीजों का सवाल है तो अस्पताल में महेश 8 मरीजों को भर्ती किया जा सका उपनल कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते अस्पताल में जहां पर दिन औसतन 2000 मरीजों का पंजीकरण होता है वही मैच 1250 मरीजों का पंजीकरण हो पाया दून अस्पताल के साथ ही महिला अस्पताल में भी मरीजों व तीमारदारों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा।
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कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों को लगाया
उपनलकर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते अस्पताल में पंजीकरण समेत तमाम काम ठप हो गए। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने विभिन्न कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों को पंजीकरण काउंटर से लेकर बिल काउंटर पर तैनात किया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जा सका। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कर्मचारियों द्वारा हाथ से पर्ची बनाए जाने के चलते काउंटर पर भारी भीड़ रही। इस दौरान मरीजों व कर्मचारियों के बीच जल्द पंजीकरण कराने को लेकर नोकझोंक की भी स्थिति बनी।
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कोट ....
उपनलकर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते कुछ दिक्कतें आ रही हैं। फिलहाल अस्पताल में उपलब्ध कर्मचारियों की मदद से पंजीकरण कराने के साथ ही टेक्नीशियन व पैरा मेडिकल की मदद से मरीजों का डिजिटल एक्सरे, एमआरआई व सीटी स्कैन कराया जा रहा है। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते कम मरीजाें का टेस्ट हो पाया है। इस संबंध में आला अफसरों को अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. केसी पंत, सीएमएस दून अस्पताल