डेढ़ मीटर तक सिकुड़ गई ये खूबसूरत प्राकृतिक झील, दिखने लगा ग्लोबल वार्मिंग का असर
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खूबसूरत झीलों में शुमार इस प्राकृतिक झील लगातार सिकुड़ती जा रही है। दुनिया की सबसे खूबसूरत झीलों में शुमार लाहौल-स्पीति जिला की चंद्रताल का दायरा पिछले साल के मुकाबले करीब डेढ़ मीटर तक सिकुड़ गया है।
14190 फीट की ऊंचाई पर स्थित चंद्रताल झील 49 हेक्टेयर में फैली है। वाइल्ड लाइफ विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक झील का दायरा 2.50 वर्ग किलोमीटर है।
लेकिन ग्लोबल वार्मिंग और मानवीय दखल के चलते पानी कम होने से झील का दायरा सिकुड़ रहा है। अमेरिकी ट्रेवल पत्रिका ने चंद्रताल झील की खूबसूरती के दम पर लाहौल स्पीति को साल 2018 के लिए दुनिया के 10 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों की सूची में डाला है।
झील पहुंचने वाले पर्यटक वाहनों की तादाद इतनी हाे गई
पिछले कुछ सालों से चंद्रताल झील पहुंचने वाले पर्यटक वाहनों की तादाद दोगुना हो गई है। चंद्रताल में स्थापित अस्थायी पुलिस चौकी के रिकॉर्ड के मुताबिक रोजाना 100 से अधिक पर्यटक वाहन यहां पहुंच रहे हैं।
सैलानियों की सुविधा के लिए झील से महज ढाई किमी दूर लगभग 200 टेंट हैं। पर्यटक वाहनों के लिए चंद्रताल झील से महज आधा किमी दूर ही पार्किंग है।
इससे चंद्रभागा रेंज का तापमान बढ़ रहा है और ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग के कारण कम बर्फबारी होना भी झील सिकुड़ने का कारण है।
स्पीति वाइल्ड लाइफ के रेंज अधिकारी देविंद्र चौहान ने भी माना कि बीते सालों के मुकाबले इस बार झील का आकार कम हुआ है। साल 2005 में राष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड घोषित क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी है।
पर्यटक वाहनों का ग्लेशियरों पर असर : डॉ. कुनियाल
जीबी पंत राष्ट्रीय पर्यावरण एवं शोध संस्थान मौहल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जेसी कुनियाल का कहना है कि झील के आस-पास इतने व्यापक स्तर पर मानवीय गतिविधियों के बढ़ने और पर्यटक वाहनों के पहुंचने से ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार तेज होना स्वाभाविक है।
सर्दियों में गिरने वाली बर्फ का पानी झील तक पहुंचता है। लेकिन चोटियों पर जमी यह बर्फ वक्त से पहले ही पिघल रही है। इससे चंद्रताल झील का दायरा सिकुड़ता जा रहा है।