{"_id":"5a6098534f1c1ba0268b5102","slug":"traditional-mouth-freshener-of-india-is-paan","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पान के शौकीनों को लग सकता है 'बड़ा झटका'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पान के शौकीनों को लग सकता है 'बड़ा झटका'
नईमुर्रहमान, अमर उजाला, महाेबा
Updated Thu, 18 Jan 2018 06:38 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
देश विदेश में मशहूर महोबा का देशावरी पान पाले की मार से दागदार हो गया है। पान की उपयोगिता कम हुई है। पान की पैदावार ले रहे किसान फसल बचाने को दवाओं का छिड़काव कर रहे है। दो दशक पहले महोबा व आस पास के क्षेत्र में लगभग 600 एकड़ में पान की फसल की पैदावार होती थी। जो अब घटकर 60 एकड़ में बची है।
Trending Videos
पाले से सैकड़ों पान कृषकों का परिवार प्रभावित
डेमो पिक
औषधीय गुणों से भरपूर देशावरी पान का मजा अब इसके शौकीन नहीं ले सकेंगे। कोहरा व ठंड से पान दागदार हो गया है। बेहद करारेपन का अहसास कराने वाला यह पान दिल्ली, आगरा, मथुरा, मुरादाबाद व मध्यप्रदेश के अलावा पाकिस्तान और श्रीलंका में भी भेजा जाता था। लेकिन प्रकृति की मार के चलते इसका उत्पादन कम होने से निर्यात कम हो गया है।
अमेरिका, लंदन तक जाता है करारा पान
डेमो पिक
जिले के देशावरी पान की खपत रामपुर, पीलीभीत, बरेली, सहारनपुर, दिल्ली, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, शामिली, बागपत सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा लंदन, अमेरिका, कनाडा, पाकिस्तान, यूरोप, श्रीलंका, नेपाल आदि देशों में यहां का पान बेहद करारेपन के लिए पंसद किया जाता है। पान को मुंह रखते ही यह पान पूरी तरह से घुल जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन दशक पहले ट्रेनों से भेजा जाता था पान
डेमो पिक
तीन दशक पहले रेलवे स्टेशन महोबा से ट्रेन में पान लोड होकर लखनऊ और दिल्ली पहुंचता था। एक दिन में 18 से 20 क्विंटल पान देश विदेश में भेजा जाता था। रेलवे स्टेशन में 300 से ज्यादा टोकरे प्रतिदिन ट्रेनों में लोड किए जाते थे। दिल्ली में टोकरे से पान निकालने के बाद बेहतर पैकिंग करके विदेशों में भेजा जाता था। लेकिन अब हफ्ते में बमुश्किल 50-60 टोकरे ही भेजे जाते हैं।
विज्ञापन
600 एकड़ से घटकर 60 एकड़ में सिमट गई पान की खेती
डेमो पिक
पान अनुसंधान केंद्र महोबा के पूर्व वैज्ञानिक डा. रामसेवक चौरसिया कोहरे से पान की फसल बचाने के लिए बरेजों में हल्का धुआं करें एवं पान की फसल में हल्की सिंचाई करें। पान बरेजे के ऊपर हल्की घास लगा दे। जिससे पान की फसल पर ज्यादा असर न हो सके। शीत लहर रोकने को बरेजे के अंदर चारों तरफ पुरानी साड़ियां लगाए। इससे पान की फसल में डायरेक्ट तेज हवा नहीं लग सकेगी।