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नगरोटा हमला: आतंकियों ने पहली बार इस साजिश से किया हमला, हुआ बड़ा खुलासा
एजेंसी
Updated Mon, 12 Dec 2016 08:23 PM IST
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NAGROTA
- फोटो : File Photo
नगरोटा स्थित सेना की 16वीं कोर में सेना के कैंप में घुसकर हमला करने वाले आतंकियों ने साइलेंसर लगी गन का इस्तेमाल किया था। ऐसा पहली बार किया गया है। नगरोटा हमले की जांच कर रही एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक सेना के कैंप में घुसने के बाद आतंकियों ने ड्यूटी पर तैनात संतरी पर साइलेंसर लगी गन से फायर किया था।
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इसके बाद आतंकी इलाके में उगीं घनी झाड़ियों और पेड़ों के पीछे छिप गए थे। बताया जा रहा है कि संतरी को पोस्ट से गिरते किसी ने देख लिया था। इसके बाद सेना अलर्ट हो गई थी। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि आतंकियों की सही पोजीशन का पता लगाने के लिए सेना की ओर से रोशनी गोले चलाए गए थे।
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आपरेशन के दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया था। घनी झाड़ियों और पेड़-पौधों की आड़ में आतंकी परिसर में स्थित दो मंजिला इमारत में घुस चुके थे। इस इमारत में सैन्य परिवार रहते हैं। आतंकियों के खिलाफ आपरेशन में सैन्य परिवारों को कोई नुकसान न हो इसके चलते सेना की ओर से पहले पैरा कमांडोज की मदद से महिलाओं और बच्चों को वहां से सुरक्षित निकाला था। उल्लेखनीय है कि 28-29 नवंबर की मध्यरात्रि हुए इस फिदायीन हमले में आतंकियों से लोहा लेते सेना के दो अधिकारियों सहित सात जवान शहीद हो गए थे।
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आतंकियों के रूट पर अभी भी संशय
NAGROTA
- फोटो : Amar Ujala
माना जा रहा था कि नगरोटा में हमला करने वाले आतंकी कश्मीर से आए थे। पर जांच एजेंसी द्वारा जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर कई जगह लगे कैमरों की फुटेज खंगालने और अन्य पहलुओं की जांच के बाद इस थ्योरी को खारिज कर दिया गया।
इसके बाद जांच एजेंसी को पुंछ के एक ओवर ग्राउंड वर्कर द्वारा आतंकियों को नगरोटा पहुंचाने के इनपुट भी मिले थे। पर हीरानगर में सुरक्षा एजेंसियों को मिले आईकाम- वायरलेस सेट के बाद आतंकियों के अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से घुसपैठ कर नगरोटा पहुंचने की संभावना को बल मिला।
बीएसएफ की ओर से पहले आईबी से घुसपैठ को नकार दिया गया था, पर सूत्रों के मुताबिक वायरलेस सेट मिलने के बाद बीएसएफ ने इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर नगरोटा हमले की जांच अब एनआईए कर रही है।
इसके बाद जांच एजेंसी को पुंछ के एक ओवर ग्राउंड वर्कर द्वारा आतंकियों को नगरोटा पहुंचाने के इनपुट भी मिले थे। पर हीरानगर में सुरक्षा एजेंसियों को मिले आईकाम- वायरलेस सेट के बाद आतंकियों के अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से घुसपैठ कर नगरोटा पहुंचने की संभावना को बल मिला।
बीएसएफ की ओर से पहले आईबी से घुसपैठ को नकार दिया गया था, पर सूत्रों के मुताबिक वायरलेस सेट मिलने के बाद बीएसएफ ने इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर नगरोटा हमले की जांच अब एनआईए कर रही है।