अब एक खूबसूरत यादों का हिस्सा बन जाएगी नैनीताल एक्सप्रेस
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ब्रिटिशकालीन ट्रेन नैनीताल एक्सप्रेस शुक्रवार को अपना आखिरी सफर तय करेगी। ऐशबाग स्टेशन से रात 8.25 बजे रवाना होने के बाद अगले दिन सुबह टनकपुर पहुंच यह सिर्फ खूबसूरत यादों का हिस्सा बन जाएगी।
ऐशबाग-सीतापुर सेक्शन पर हो रहे आमान-परिवर्तन को लेकर 15 मई से इस रूट की कुछ ट्रेनों का संचालन पीलीभीत-सीतापुर रेलखंड पर किया जा रहा है। कुछ ट्रेनें कैंसिल भी की जा रही हैं।
निरस्त होने वाली ट्रेनों में नैनीताल एक्सप्रेस भी शामिल है। ट्रेन संख्या 15308 नैनीताल एक्सप्रेस शुक्रवार रात को अपना अंतिम सफर टनकपुर के लिए तय करेगी। ट्रेन ऐशबाग रेलवे स्टेशन से सिटी स्टेशन, डालीगंज, सीतापुर, लखीमपुर, गोला गोकरणनाथ, मैलानी
पूरनपुर, पीलीभीत, भोजीपुरा, इज्जतनगर, मझोला पकरायां, खटीमा, चकरपुर, बनबासा होते हुए अगले दिन सुबह 5.20 बजे टनकपुर पहुंचेगी। टनकपुर से लखनऊ के लिए यह ट्रेन रात 9.30 बजे रवाना होकर सुबह 6.50 पर पहुंचती है। इसे 14 मई को टनकपुर से चलाने के बजाय ट्रेन को वहीं खड़ा कर दिया जाएगा।
इस रूट की शान मानी जाती थी नैनीताल एक्सप्रेस
इतिहासकार बताते हैं कि नैनीताल एक्सप्रेस को इस रूट की शान माना जाता था। यह ट्रेन पहले लखनऊ जंक्शन से काठगोदाम के लिए रवाना होती थी। जब जंक्शन ब्रॉडगेज हुआ तो इसे ऐशबाग स्टेशन से चलाया जाने लगा।
टर्मिनेटिंग स्टेशन काठगोदाम के बाद बरेली बना, फिर इसे टनकपुर तक चलाया जाने लगा। नैनीताल एक्सप्रेस को लेकर लोगों में हमेशा से क्रेज रहा है। इस ट्रेन से सफर करने के लिए लोग वेटिंग तक का टिकट लेने से भी गुरेज नहीं करते थे।
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ संजय यादव कहते हैं कि इस रूट की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली ट्रेन है नैनीताल एक्सप्रेस। आमान परिवर्तन के चलते निरस्त किया जा रहा है। हालांकि रूट के ब्रॉडगेज होने के बाद इस नाम से ट्रेन यात्रियों की मांग पर चलाई जा सकती है।