पिता जी! आप अधरंग से पीड़ित हैं। सुबह थोड़ा-थोड़ा चला कीजिए ताकि शरीर में हरकत होती रहे। घर के काम की चिंता मत कीजिए। गेहूं की कटाई के लिए मैं छुट्टी लेकर मैं खुद घर आ रहा हूं।
शहीद होने से एक दिन पहले राकेश ने पिता से किया था ये वादा, लेकिन नहीं हो पाया पूरा
रामनाथ शर्मा, अमर उजाला, शाहतलाई (बिलासपुर)
Published by: ashok chauhan
Updated Fri, 22 Feb 2019 03:20 PM IST
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