{"_id":"56f19ef14f1c1bd803f14d6e","slug":"jewelers-protest-against-gov","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र के खिलाफ स्वर्णकारों का रोष मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र के खिलाफ स्वर्णकारों का रोष मार्च
अमर उजाला ब्यूरो/कठुआ
Updated Wed, 23 Mar 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
स्वर्णकारों का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में बेमियादी हड़ताल पर गए स्वर्णकारों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को कैंडल मार्च निकालने के बाद मंगलवार को स्वर्णकारों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला।
विज्ञापन
इस दौरान केंद्र सरकार से एक्साइज ड्यूटी के फैसले को वापस लेने की मांग की। ऐसा न होने पर उग्र रुख अपनाने की चेतावनी दी। रोष मार्च मुख्य बाजार से होते हुए कालेज मार्ग पर से शहीदी चौक पर आकर समाप्त हुआ। शहीदी चौक पर स्वर्णकारों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
रोष मार्च का नेतृत्व कर रहे स्वर्णकार संघ के प्रधान जगदीश सहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार को पहले शांतिपूर्ण तरीके से मांग कर एक्साइज ड्यूटी वापस लेने के लिए कहा गया, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उन्हें हड़ताल करने और अपने कारीगरों को भूखा रखने का कोई शौक नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार के कारण उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस समय छोटे कामगारों और स्वर्णकारों के लिए कुछ नहीं सोच रही है। काका धमालिया ने कहा कि केेंद्र सरकार ने मजदूरों, छोटे कर्मचारियों और कारीगारों को उनके हाल पर छोड़ दिया।
वह जिस भी प्रकार से अपना गुजर बसर कर रहे थे। उस पर भी केंद्र सरकार ने अपनी लाठी चलाकर उनकी रोजी रोटी बंद करवा दी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लोगों को तो विभिन्न टैक्स के चक्कर में डालकर उनकी जेब तो काटी ही थी अब कामगारों पर भी टैक्स की मार मारी है। ऐसे में जब तक सरकार एक्साइज ड्यूटी का फैसला वापस नहीं लेती वह अपना विरोध बंद नहीं करेंगे। रोष मार्च में अन्य स्वर्णकार भी उपस्थित रहे।