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एस्टीमेट की धनराशि दोबारा जमा कराने की बात पर किसानों का हंगामा

Sat, 07 Jul 2018 01:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस। Updated Sat, 07 Jul 2018 01:09 AM IST
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Farmers complaint for Re Submission of Estimate of Light Connection
नलकूप - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
साल 2016 में डार्क जोन में हुए फर्जी नलकूप विद्युत कनेक्शन घोटाले की जांच करने के लिए शुक्रवार को यहां विजिलेंस आगरा की टीम पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले यहां काफी संख्या में किसान मौजूद थे। जांच के दौरान जब एस्टीमेट की राशि को फिर से जमा करने के लिए कहा गया तो मौके पर मौजूद किसान भड़क गए। किसानों ने जांच का बहिष्कार करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। जैसे-तैसे अधिकारियों ने इन नलकूप कनेक्शन धारक किसानों को शांत किया।
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गौरतलब हो कि विद्युत नलकूप फर्जी कनेक्शन घोटाले की जांच महकमे ने एक प्राइवेट एजेंसी से कराई थी। जांच में टिकारी, सलेमपुर, हीरापुर, शेखूपुर, पुन्नेर, चंदइया आदि गांवों में करीब 1920 कनेक्शन फर्जी पाए गए थे। जांच पूरी होने के बाद जब महकमे ने इन किसानों के अवैध नलकूप कनेक्शनों का नियमितीकरण करना शुरू किया और एस्टीमेट के लिए फिर से पैसा जमा कराने की बात कही। इस पर किसानों का सब्र जवाब दे गया। समस्या को लेकर यह किसान गत दिनों विधायक हरीशंकर माहौर के अलावा सीएम से भी मिले। जिसके बाद शुक्रवार को यहां आईं एसपी विजिलेंस बबिता शाहू ने मामले की जांच की। मौके पर एसई प्रदीप अग्रवाल भी मौजूद रहे।
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जांच के दौरान एस्टीमेट का पैसा दुबारा जमा करने पर ही सामान दिए जाने की बात पर किसान भड़क गए। किसानों का कहना था कि जब वह एक बार एस्टीमेट की राशि दे चुके हैं तो दुबारा क्यों दें। एस्टीमेट की राशि जमा होने के बाद ही उन्हें नलकूप कनेक्शन दिए गए हैं। वह हर माह लगातार कनेक्शन का बिल भी जमा करते रहे हैं, जिनकी रसीद उनके पास हैं। कनेक्शन से संबंधित पासबुक भी मौजूद हैं।
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अब यह विभाग को देखना चाहिए कि उन्हें किस अधिकारी व कर्मचारी ने फर्जी कनेक्शन दिए। किसानों से मोटी रकम लेकर पोल, तार और ट्रांसफॉर्मर के अलावा लाइन तैयार कराकर दे दी। उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। कनेक्शन देने वाले अधिकारी कर्मचारियों को आज तक सस्पेंड नहीं किया गया है। जिन किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, उनको निरस्त कराया जाए। इस मौके पर किसान महेश मदनावत, सुभाषचंद्र, गजेंद्र सिंह, पन्नालाल, ललतेश, रवेंद्रपाल सिंह, विमलेश देवी, सत्यभान सिंह, अमर सिंह, सुनील कुमार, संजय कुमार, चेतन कुमार, देवेंद्र सिंह, वेदपाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, दिनेशचंद्र, अमर सिंह, सुभाषचंद्र, राजेश्वरी देवी सहित अन्य किसान मौजूद थे।
 
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