तेल कारोबारी के जुड़वां बच्चों की अपहरण के बाद हत्या के चर्चित मामले में मध्यप्रदेश की उच्च सुरक्षा वाली सतना सेंट्रल जेल में बंद एक आरोपी ने मंगलवार सुबह फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए एक सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित की। बंदी के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को तीन डॉक्टरों का पैनल करेगा।
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चित्रकूट हत्याकांड: जुड़वा बच्चों को दर्दनाक मौत देने वाले एक आरोपी ने जेल में लगाई फांसी
Wed, 08 May 2019 02:31 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 08 May 2019 02:31 AM IST
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मृतक जुड़वा भाई फाइल फोटो
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आरोपी रामकेश यादव
रामकेश यादव चित्रकूट के आयुर्वेदिक तेल कारोबारी ब्रजेश रावत के जुड़वा बेटो प्रियांश और श्रेयांश को अगवा कर हत्या के बाद लाशों को नदी में फेंकने का आरोपी था। ज्ञात हो कि चित्रकूट में 12 फरवरी को रामघाट निवासी तेल उद्यमी बृजेश रावत के जुड़वा पुत्र प्रियांश व श्रेयांश को जानकी कुंड सद्गुरु स्कूल परिसर से अपहरण कर बीस लाख की फिरौती ली गई फिर दस दिन बाद दोनों की हत्या कर बबेरू बांदा में नदी किनारे फेंक दिया गया था।
जुड़वा बच्चों की मां (फाइल फोटो)
बताते चलें कि चित्रकूट के जानकीकुंड परिसर से दिनदहाड़े जुड़वा मासूम भाइयों को अगवा करने की साजिश इंजीनियरिंग के छात्रों ने पैसों के लिए रची थी। पुलिस की पूछताछ के दौरान शातिरों ने पूरे घटनाक्रम को कुबूल किया था। पहचान के भय से उन लोगों ने मासूमों को मौत के घाट उतार दिया।
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जुड़वा बच्चों के पिता (फाइल फोटो)
यह छात्र इतने शातिर निकले कि परिजनों से फिरौती की रकम मांगने के लिए खुद के बजाए राह चलते लोगों के फोन का इस्तेमाल किया। चित्रकूट में आईजी रींवा चंचल शेखर ने मीडिया के सामने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया था। कहा कि जुड़वा भाइयों को अगवा करने के बाद से डीआईजी रींवा की अगुवाई में एक एसआईटी गठित की गई थी।
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जुड़वा बच्चाें की हत्या के बाद चित्रकूट में जमकर बवाल हुआ था (फाइल फोटो)
जिसमें सतना एसपी संतोष सिंह गौर समेत कई टीमें शामिल रहीं। प्रत्येक पहलू पर टीमों ने जांच की। आईजी ने शातिरों से की गई पूछताछ के बाद घटनाक्रम का सिलसिलेवार खुलासा किया। इस वारदात का मास्टर माइंड विश्वविद्यालय में बीआईटी का छात्र पद्म शुक्ला जानकीकुंड रघुवीर मंदिर के सामने का रहने वाला निकला।