शराब ठेकों पर लुट रहे लोग, ऐसे लग रही चपत
शराब माफिया पर अंकुश लगाने के नाम पर वीरभद्र सरकार की शराब नीति बदलने वाली जयराम सरकार के राज में भी शराब कारोबारियों की मनमानी जारी है। शराब कारोबारी तय रेट से ज्यादा दाम उपभोक्ताओं से वसूल रहे हैं।
आलम यह है कि 70 रुपये वाली फ्रूट बीयर को दोगुने दाम पर बेचा जा रहा है। वहीं, 92 रुपये एमआरपी वाली बीयर भी 120 रुपये में बिक रही है। ग्राहकों का कहना है कि शिकायत करने पर भी विभागीय अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।
आबकारी एवं कराधान विभाग भी शिकायत पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। राजधानी शिमला में आने वाले पर्यटक और स्थानी लोग सरेआम लूट का शिकार हो रहे हैं। प्रदेश सरकार ने पिछली सरकार की न्यूनतम बिक्री मूल्य वाली शराब नीति को सरकार गठन के साथ ही खारिज कर दिया था।
लाइसेंस हो सकता है कैंसल
दलील यह दी गई कि एमएसपी की वजह से शराब ठेकेदार मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। दावा किया गया कि नई सरकार की नई नीति से लोगों को सस्ते दाम में शराब मिलेगी। यह दावे के नाम पर नई नीति के जरिये सरकार ने हजार करोड़ का राजस्व भी अर्जित कर लिया।
लेकिन लोगों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शराब ठेकों में दाम भी तय कर एमआरपी को डिस्प्ले कर दिया गया है। लेकिन कम अल्कोहल वाले उत्पादों को शराब कारोबारी मनमाने दाम पर बेच रहे हैं।
वहीं, विभागीय प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने कहा कि तय रेट से ज्यादा की शराब बेचने पर लाइसेंस कैंसल करने तक का प्रावधान है। कहा कि इस मनमानी को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाकर नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए आबकारी आयुक्त को निर्देश दे दिए हैं।