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विनम्रता के बिना आध्यात्म पर नहीं चल सकते : गुरु मां
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चंडीगढ़। विनम्र बनना बहुत जरूरी है। मन में अज्ञान छाया हुआ है। हमें अपने अज्ञान को स्वीकारना होगा। विन्रमता के बिना आध्यात्म पर नहीं चल सकते। जब कोई रिश्वत का पैसा लेकर घर जाता है। वह पैसा अपने परिवार पर खर्च करता है। वह पैसा नहीं पाप लेकर जाता है। बड़ी रिश्वत लेकर थोड़ी राशि धर्म स्थानों पर दे रहे हैं...यह कड़वा सच है। यह बात शनिवार को सेक्टर-49 के रॉयन इंस्टरनेशनल स्कूल के पास ग्राउंड में आनंदमूर्ति गुरुमां ने चार दिवसीय प्रज्ञा पूर्व प्रवचन शृंखला प्रेमा भक्ति के पहले दिन कही। उन्होंने डाॅक्टर और मरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि डॉक्टर सर्जरी कर मरीज को ठीक कर देता। इस दौरान मरीज को काफी दर्द होता है। डॉक्टर जल्लाद नहीं है, क्याेंकि डॉक्टर पर आपको विश्वास है। उन्होंने कहा कि हमारा और आपका प्रेम का संबंध है। मेरा मकसद किसी का अपमान करना नहीं है। आप मेरे प्रभु के स्वरूप हो। तभी में आप सभी को प्रणाम करती है।
ईश्वर के नाम पर दुकानें खुल गई हैं। जो ईश्वर को नहीं जानते, वही दुकानें खोलकर बैठे हैं। वे ईश्वर को बेचते हैं। जननेता का काम जनता की सेवा करना है। वह जननायक पैसा लेकर काम करते हैं। जिन अफसरों का काम ड्यूटी करना है, वह पैसे पर ध्यान देते हैं। जो हक का पैसा नहीं, वह पाप है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि रिश्वत मत लो, यह पाप है। रिश्वत का पैसा दान दिया तो वह भी पाप हो जाता है। स्कूल और कॉलेज में क्या सही क्या गलत है, यह नहीं पढ़ाया जा रहा है। केवल पैसे कमाओ कॅरिअर बनाओ... की बात हो रही है।
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ईश्वर के नाम पर दुकानें खुल गई हैं। जो ईश्वर को नहीं जानते, वही दुकानें खोलकर बैठे हैं। वे ईश्वर को बेचते हैं। जननेता का काम जनता की सेवा करना है। वह जननायक पैसा लेकर काम करते हैं। जिन अफसरों का काम ड्यूटी करना है, वह पैसे पर ध्यान देते हैं। जो हक का पैसा नहीं, वह पाप है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि रिश्वत मत लो, यह पाप है। रिश्वत का पैसा दान दिया तो वह भी पाप हो जाता है। स्कूल और कॉलेज में क्या सही क्या गलत है, यह नहीं पढ़ाया जा रहा है। केवल पैसे कमाओ कॅरिअर बनाओ... की बात हो रही है।
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