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डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. श्रीनिवासन ने पेश की रिपोर्ट, कहा- बापूधाम में नहीं हुई रोजाना स्क्रीनिंग, मौके पर सैंपलिंग भी नहीं की गई

Thu, 30 Jul 2020 12:21 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 12:21 AM IST
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WHO representative Dr. Srinivasan presented Daily screening coroana positive Bapudham sampling spot
चंडीगढ़। शहर में एक समय कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट रहे सेक्टर-26 स्थित बापूधाम में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों को लेकर डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. श्रीनिवासन ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें उन्होंने प्रशासन के कार्यों में खामियों के साथ अच्छे प्रयासों का जिक्र किया है। साथ ही भविष्य के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं।
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डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. श्रीनिवासन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बापूधाम में चंडीगढ़ प्रशासन ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का सीमांकन नहीं किया, जिसकी वजह से यहां होने वाली गतिविधियों को ठीक से आकार नहीं दिया जा सका। उन्होंने कहा है कि कोरोना के नए मामलों को खोजने के लिए प्रशासन की तरफ से बापूधाम में रोजाना स्क्रीनिंग नहीं की गई। ऑनसाइट सैंपलिंग की व्यवस्था भी नहीं थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बापूधाम में संक्रमण के फैलने के बाद पॉजिटिव केसों के आंकड़ों का ठीक से वर्गीकरण नहीं किया गया। अगर ऐसा किया जाता तो संक्रमण की चेन को जल्दी पहचाना जा सकता था। सुझाव देते हुए उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इलाके में प्रशासन की तरफ से निगरानी जारी रखी जानी चाहिए। सैनिटाइजेशन भी किया जाना चाहिए। इसके अलावा इलाके में रहने वाले बुजुर्ग व अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों की समय-समय पर जांच की जानी चाहिए।
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रैपिड रिस्पांस टीम, घर-घर राशन और दवाइंया पहुंचाने पर की सराहना
डॉ. श्रीनिवासन ने प्रशासन के विभिन्न प्रयासों की सराहना भी की है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में बापूधाम में 24 घंटे की डिस्पेंसरी स्थापित करने, बसों में सब्जियों व जरूरी सामान की डिलीवरी, मोबाइल एटीएम, कंट्रोल रूम, दवाइयों की सप्लाई, गार्बेज कलेक्शन और ‘मेरा बापूधाम, मेरा कर्तव्य’ जैसे मुहिम चलाने को लेकर तारीफ की। रिपोर्ट में कहा कि केसों के आने के बाद प्रशासन की तरफ से रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) बनाई गई। इलाके के एसडीएम के तहत इंसीडेंट कमांडर और सिविल डिफेंस ऑफिसर नियुक्त किए गए। बापूधाम को चार सेक्टरों में बांटा गया। प्रत्येक सेक्टर में पांच पॉकेट बनाए गए। पॉकेट के अंदर ब्लाक बनाए गए। प्रत्येक सेक्टर के लिए चार रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया। इस टीम में स्पेशल इंचार्ज, सुपरिंटेंडेंट, असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट, क्लर्क और वॉलंटियर नियुक्त किए गए। सिविल डिफेंस टीम ने लोगों से नियमों का पालन करवाया और घर-घर तक जरूरी सामानों की डिलीवरी कराने में मदद की।
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बापूधाम में पुरुष हुए ज्यादा संक्रमित
रिपोर्ट में कहा गया है कि बापूधाम में कुल 250 केस आए, जिसमें 138 पुरुष और 112 महिलाएं थीं। बापूधाम में कोरोना से 55 प्रतिशत पुरुष जबकि 45 प्रतिशत महिलाएं संक्रमित हुईं। इसके अलावा 75 प्रतिशत केसों में मरीज की उम्र 0 से 39 वर्ष के बीच रही। सबसे ज्यादा लापरवाही किशोरों ने की, तो सबसे ज्यादा संक्रमित भी 10 से 19 वर्ष के युवक-युवतियां हुए। 70 वर्ष से ज्यादा उम्र के सिर्फ दो ही मरीज रहे।
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