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पीयू में दो संस्थाओं की ओर से आयोजित किए गए वेबिनार से निकलकर आई बात, ताइवान व वियतमान की तर्ज पर होता काम तो नहीं बढ़ती बेरोजगारी
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चंडीगढ़। कोरोना के कारण बेरोजगारी बढ़कर 25 फीसदी पहुंच गई है। आने वाले समय में इसका प्रतिशत और बढ़ेगा। 12 प्रतिशत शहरी लोग बेरोजगार हैं। यह बात बुधवार को पीयू में कोरोना के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव व रोजगार की स्थिति पर हुए वेबिनार में यूबीएस विभाग के शिक्षक डॉ. कुलविंदर सिंह ने कही।
पीपी स्वामी विवेकानंद सेवाश्रम संस्था सिराला व विश्वास राव नायक आर्ट्स, कॉमर्स एंड बाबा नायक साइंस महाविद्यालय सिराला, महाराष्ट्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पीयू के शिक्षकों ने भी वक्ता के रूप में हिस्सा लिया।
डॉ. कुलविंदर सिंह कहा कि इस बेरोजगारी को रोका जा सकता था, यदि वियतनाम व ताइवान जैसे छोटे देशों की तरह काम किया जाता। इन देशों के मुकाबले हमारी अर्थव्यवस्था काफी बढ़िया थी, बावजूद इसके काम नहीं हुआ। इन देशों ने पब्लिक पैलेस लॉकडाउन किए, लेकिन उद्योग आदि क्षेत्रों का संचालन किया। यहां भी इंडस्ट्री संचालित की जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि बेरोजगारी को कम करने के लिए नए रास्ते निकालने होंगे अन्यथा गरीबी, भुखमरी का स्तर बढ़ेगा। इनके अलावा प्रो. एएम गुरव, डॉ. गंगाधर, प्रिंसिपल डॉ. उज्जवला पाटिल आदि ने भी विचार रखे।
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पीपी स्वामी विवेकानंद सेवाश्रम संस्था सिराला व विश्वास राव नायक आर्ट्स, कॉमर्स एंड बाबा नायक साइंस महाविद्यालय सिराला, महाराष्ट्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पीयू के शिक्षकों ने भी वक्ता के रूप में हिस्सा लिया।
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डॉ. कुलविंदर सिंह कहा कि इस बेरोजगारी को रोका जा सकता था, यदि वियतनाम व ताइवान जैसे छोटे देशों की तरह काम किया जाता। इन देशों के मुकाबले हमारी अर्थव्यवस्था काफी बढ़िया थी, बावजूद इसके काम नहीं हुआ। इन देशों ने पब्लिक पैलेस लॉकडाउन किए, लेकिन उद्योग आदि क्षेत्रों का संचालन किया। यहां भी इंडस्ट्री संचालित की जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि बेरोजगारी को कम करने के लिए नए रास्ते निकालने होंगे अन्यथा गरीबी, भुखमरी का स्तर बढ़ेगा। इनके अलावा प्रो. एएम गुरव, डॉ. गंगाधर, प्रिंसिपल डॉ. उज्जवला पाटिल आदि ने भी विचार रखे।
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