अलर्टः हरियाणा-पंजाब और चंडीगढ़ में सक्रिय हुआ मानसून, अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी
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मानसून हरियाणा पहुंचने के बाद सक्रिय होकर अपना असर दिखाने लगा है। रेवाड़ी, चरखी दादरी, भिवानी समेत अन्य हिस्सों में मानसून की पहली तेज बारिश और बादलवाही से अधिकतम तापमान औसत से सात डिग्री नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने वैसे तो 11 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील की संभावना जताई है लेकिन 10 जुलाई तक प्रदेशभर में अच्छी बारिश के आसार हैं।
धान समेत अन्य फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी साबित होगी। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में 8 और 9 जुलाई को कई इलाकों में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में अगले 48 घंटे में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, जोधपुर, सीकर, रोहतक, चंडीगढ़ और अमृतसर होते हुए गुजर रही है। यूपी और मध्य प्रदेश में बना निम्न दाब का क्षेत्र भी अनुकूल माहौल बना रहा है।
हरियाणा के लोगों और किसानों को भी मानसून के पूरी तरह से सक्रिय होने का इंतजार है। प्रदेश में अच्छी बारिश होने से धान की रोपाई रफ्तार पकड़ेगी, साथ ही इस सीजन में 56 प्रतिशत कम बारिश की भरपाई होने की संभावना है।
शनिवार को आधे घंटे में रेवाड़ी में 25 मिमी, चरखी दादरी में 15 मिमी, नारनौल के अटेली और रोहतक के महम कस्बे में भी झमाझम बारिश हुई। भिवानी अंधड़ के साथ 15 मिनट में सात मिमी बारिश हुई।
आंधी से 50 से अधिक पेड़ और बिजली के कई खंभे टूट गए, जिससे बिजली बाधित हुई। प्रदेश के कई इलाकों में बूंदाबांदी और तेज हवाओं से भी तापमान गिर गया।
मौसम खुशनुमा होने से लंबे समय से तपिश और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिली है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है।
इसके बाद 8 से 10 जुलाई के बीच मध्य उत्तरी हरियाणा के ज्यादातर क्षेत्रों में मध्यम बारिश और पश्चिमी व दक्षिणी हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों में हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
पश्चिमी यमुना नहर में छोड़ा पांच हजार क्यूसेक पानी
यमुना वाटर सर्विस सर्कल करनाल के एक्सईएन राजेश चोपड़ा ने बताया कि ताजेवाला हेड हथनीकुंड बैराज से पश्चिमी यमुना नहर में पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
नहर की मरम्मत एवं क्षमता बढ़ाने के लिए 200 करोड़ के प्रोजेक्ट पर चल रहे काम को बरसात के मद्देनजर बंद करना पड़ा है। नहर की क्षमता 1800 क्यूसेक बढ़कर 13 हजार 300 क्यूसेक होने से दक्षिण हरियाणा में सिंचाई और दिल्ली क्षेत्र में पेयजल की जरूरत पूरी होगी।