चंडीगढ़। चार साल पहले सेक्टर-17 स्थित आईडीबीआई बैंक के साथ हुई 17.29 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में जिला अदालत ने जांच अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया है। साथ ही सीबीआई के एसपी को भी आठ जून की सुनवाई में पेश होने के लिए समन भेजा है।
सीबीआई ने 12 जुलाई 2018 को सेक्टर-17 स्थित आईडीबीआई बैंक के उपमहाप्रबंधक जितेंद्र सिंह की शिकायत पर एसएस टेक्नो कंसल्ट प्राइवेट लिमिटेड समेत पांच निजी कंपनियों और उनके निदेशकों अंकुश सूद, सलोनी सूद और संजीव भसीन के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 2009 में एसएस टेक्नो कंसल्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक अंकुश सूद और सलोनी सूद ने खरड़ और अमृतसर की अपनी संपत्ति को बैंक के पास गिरवी रखकर 17 करोड़ की क्रेडिट सुविधा ली थी। बाद में कंपनी ने बैंक को मूलधन और ब्याज देना बंद कर दिया। इस कारण बैंक ने 31 दिसंबर 2011 को कंपनी के लोन अकाउंट को नॉन परफॉर्मिंग एसेट घोषित कर दिया था। आरोपी अंकुश सूद ने बैंक के पास गिरवी पड़ी संपत्ति को भी धोखे से किसी और बेच भी दिया। बाद में अंकुश सूद और सलोनी सूद दोनों न्यूजीलैंड भाग गए। दोनों के प्रत्यर्पण कार्यवाही की रिपोर्ट जांच अधिकारी को अदालत में पेश करनी थी लेकिन वह पेश नहीं हुए। इसी मामले में उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। वहीं, एसपी को भी समन भेजा गया है।
चंडीगढ़। चार साल पहले सेक्टर-17 स्थित आईडीबीआई बैंक के साथ हुई 17.29 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में जिला अदालत ने जांच अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया है। साथ ही सीबीआई के एसपी को भी आठ जून की सुनवाई में पेश होने के लिए समन भेजा है।
सीबीआई ने 12 जुलाई 2018 को सेक्टर-17 स्थित आईडीबीआई बैंक के उपमहाप्रबंधक जितेंद्र सिंह की शिकायत पर एसएस टेक्नो कंसल्ट प्राइवेट लिमिटेड समेत पांच निजी कंपनियों और उनके निदेशकों अंकुश सूद, सलोनी सूद और संजीव भसीन के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 2009 में एसएस टेक्नो कंसल्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक अंकुश सूद और सलोनी सूद ने खरड़ और अमृतसर की अपनी संपत्ति को बैंक के पास गिरवी रखकर 17 करोड़ की क्रेडिट सुविधा ली थी। बाद में कंपनी ने बैंक को मूलधन और ब्याज देना बंद कर दिया। इस कारण बैंक ने 31 दिसंबर 2011 को कंपनी के लोन अकाउंट को नॉन परफॉर्मिंग एसेट घोषित कर दिया था। आरोपी अंकुश सूद ने बैंक के पास गिरवी पड़ी संपत्ति को भी धोखे से किसी और बेच भी दिया। बाद में अंकुश सूद और सलोनी सूद दोनों न्यूजीलैंड भाग गए। दोनों के प्रत्यर्पण कार्यवाही की रिपोर्ट जांच अधिकारी को अदालत में पेश करनी थी लेकिन वह पेश नहीं हुए। इसी मामले में उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। वहीं, एसपी को भी समन भेजा गया है।