जेल व्यवस्था पर सवाल, हंगामे के बीच सोशल मीडिया पर सक्रिय थे कैदी, वीडियो हो रहे थे अपलोड
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पंजाब की सबसे बड़ी लुधियाना सेंट्रल जेल में गुरुवार सुबह साथी की मौत के बाद कैदी भड़क गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पत्थर बरसाए, जेल में आग लगा दी और जेल सुपरिंटेंडेंट की गाड़ी भी फूंक डाली। कैदियों को काबू करने के लिए पुलिस ने करीब 50 राउंड फायर किए जिसमें एक कैदी की मौत हो गई।
पथराव में कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। करीब दो घंटे बाद हालात पर काबू पाया जा सका। पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। जिसके बाद जेल सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने शुरू हो गए हैं।
सरकार और जेल प्रशासन दावा करते हैं कि जेलों में कोई मोबाइल फोन नहीं चलते लेकिन सरकार के दावों की पोल गुरुवार को जेल के अंदर से आए वीडियो ने खोल कर रख दी। जेल के अंदर से अपलोड वीडियो ने सुरक्षा एजेंसियों और सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है।
लुधियाना सेंट्रल जेल पंजाब की सबसे बड़ी जेल है। पिछली कई सरकारें जेल में जैमर लगाने की बात करती रही हैं लेकिन वह सिर्फ बातें ही रह गई। जेल में अभी तक कोई जैमर नहीं लगे।
पूर्व डीजीपी जेल शशिकांत ने जेलों में मिल रहे नशे और कैदियों द्वारा चलाए जा रहे फोन पर अपने ही जेल प्रशासन को कई बार कटघरे में खड़ा किया है। वह कई बार खुले मंच पर भी बोल चुके हैं कि जेल में नशे और कैदियों द्वारा चलाए जा रहे फोन में मुलाजिमों का हाथ है।
मुलाजिम पैसे लेकर कैदियों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करवाते हैं लेकिन जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। उन्होंने कई बार कहा था कि जेल मुलाजिम जब तक नहीं सुधरेंगे तब तक कैदियों पर शिकंजा कसना काफी मुश्किल है।
डीसी प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि जेल में कैदी अपने साथी की मौत के बाद भड़के थे। जेल मुलाजिमों की तरफ से उन्हें काबू करने के लिए हवाई फायर किया गया था। इस हंगामे में करीब पांच कैदी घायल हुए और कुछ पुलिस मुलाजिम भी घायल हुए हैं।
सभी कैदियों को काबू कर बैरक में भेज दिया गया है। अब नुकसान का पता लगाया जाएगा। शाम को गिनती के बाद पता चलेगा कि कितने कैदी हैं। सरकार की तरफ से जो आदेश आएंगे उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।