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विक्की मिड्डू खेड़ा के भाई और एएसआई के कोर्ट में बयान दर्ज विक्की मिड्डू खेड़ा हत्याकांड : आरोपी ने संगरूर से पटियाला जेल भेजने की लगाई याचिका

Thu, 12 Dec 2024 07:07 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 07:07 PM IST
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Vicky Middu Kheda's brother and ASI's statement recorded in court
अदालत ने कहा- डीजीपी जेल लेंगे फैसला
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संवाद न्यूज एजेंसी

मोहाली। विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के मामले की सुनवाई जिला अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान जिला मजिस्ट्रेट ने अभियुक्तों पर शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दी। वीरवार को अजय पाल सिंह मिड्डूखेड़ा और एएसआई सुखविंदर सिंह के बयान दर्ज किए गए। पब्लिक विटनेस एमएचसी बिट्टू सिंह के शपथ पत्र के माध्यम से मुख्य जिरह की गई है। बचाव पक्ष के वकीलों के अनुरोध पर उनकी जिरह स्थगित कर दी है। अदालत ने आईवी अस्पताल के मानव संसाधन विभाग के संबंधित क्लर्क को 10 दिसंबर को अदालत में बुलाया था। इंस्पेक्टर मनफूल सिंह, एसआई सुरजीत सिंह और एएसआई बलजीत सिंह को भी निर्धारित तिथि पर बुलाया गया।


अदालत में आरोपी अजय उर्फ सन्नी उर्फ लेफ्टी ने खुद को संगरूर से पटियाला जेल स्थानांतरित करने की मांग करते हुए आवेदन दिया था। अदालत में राज्य के विद्वान अतिरिक्त लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि विचाराधीन कैदी ने जेल को स्थानांतरित करने की मांग करने के लिए आवेदन डीजीपी (जेल) पंजाब को दिया जाना चाहिए था, जो विचाराधीन कैदियों के अनुरोध पर विचार करने के लिए सक्षम प्राधिकारी हैं। दूसरी ओर आवेदक के वकील ने तर्क दिया कि विचाराधीन कैदी अजय उर्फ सन्नी उर्फ लेफ्टी वर्तमान मामले में केंद्रीय जेल पटियाला में बंद था, लेकिन 5 नवंबर 2024 को जेल अधिकारियों ने विचाराधीन कैदी को बिना कारण बताए जिला जेल संगरूर में स्थानांतरित कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि गिरोह के सदस्य जिला जेल संगरूर में बंद हैं और उन्हें जीवन और स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरे की आशंका है। चूंकि डीजीपी (जेल) विचाराधीन कैदी के अनुरोध पर विचार करने के लिए सक्षम प्राधिकारी है, इसलिए यह न्यायालय कानून के अनुसार विचार के लिए आवेदन की प्रति योग्य डीजीपी (जेल) को भेजना उचित समझता है। आवेदन के साथ आदेश की प्रति डीजीपी (जेल) पंजाब को ईमेल के माध्यम से भेजे जाने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर रखी गई है।
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