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पड़ताल: चंडीगढ़ में खराब हवा के छह कारण आए सामने, प्रशासन ने बनाई निपटने की योजना

Sun, 28 Nov 2021 02:06 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 28 Nov 2021 02:06 AM IST
सार

चंडीगढ़ में सड़कों पर बड़ी संख्या में चल रही गाड़ियां एक्यूआई को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। नवंबर, दिसंबर और जनवरी महीने में एक्यूआई सबसे ज्यादा खराब रहता है, इसलिए इस दौरान ही सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

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Chandigarh UT administration has identified six major reasons of Rise in City air quality index
वायु प्रदूषण। - फोटो : फाइल

विस्तार

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ने उन छह प्रमुख कारणों की पहचान की है, जिनकी वजह से शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़ रहा है। इनमें गाड़ियों की अधिक संख्या, पड़ोसी राज्यों में जल रही पराली, सड़क किनारे जल रहे कूड़े के अलावा तीन और प्रमुख कारणों को प्रशासन ने इंगित किया है। प्रशासन ने इनसे निपटने की एक योजना भी बनाई है। साथ ही नजर रखने के लिए एक कमेटी का गठन भी किया है।

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प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चंडीगढ़ एक लैंड लॉक्ड शहर है, इसलिए यहां सड़कों की लंबाई को और नहीं बढ़ाया जा सकता। एक अध्ययन में सामने आया है कि सड़कों पर बड़ी संख्या में चल रही गाड़ियां एक्यूआई को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। एनजीटी के आदेश पर एक्यूआई को कम करने के लिए एक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमेटी का भी गठन किया गया है। इसमें पर्यावरण विभाग के निदेशक, नगर निगम आयुक्त, उद्योग विभाग के निदेशक, परिवहन विभाग के निदेशक, चीफ आर्किटेक्ट और चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव को सदस्य बनाया गया है। इस कमेटी ने दो बैठकें भी की हैं। कमेटी ने पाया है कि नवंबर, दिसंबर और जनवरी महीने में एक्यूआई सबसे ज्यादा खराब रहता है, इसलिए इस दौरान ही सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
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एक्यूआई कम करने के लिए बनाई गईं तीन तरह की योजनाएं
एक्यूआई कम करने के लिए शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लांग टर्म तीन योजनाएं बनाई गई हैं। शॉर्ट टर्म में प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों का चालान और जब्त करना, जागरूकता अभियान, पेट्रोल-डीजल की गुणवत्ता की जांच, सड़कों का चौड़ीकरण, कूड़ा जलाने वालों पर नजर रखना और गैरकानूनी तरीके से डीजी सेट्स चलाने वालों का चालान करना शामिल हैं। मिड टर्म में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को प्रोत्साहन देना, खुली जगहों को हराभरा करना, फ्री-फ्लो ट्रैफिक समेत अन्य कार्य शामिल हैं। वहीं, लांग टर्म में बाईपास व एक्सप्रेस-वे का निर्माण करना शामिल है ताकि बड़ी गाड़ियां शहर में न आएं। साथ ही वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था को मजबूत करना, चौक पर फाउंटेन का निर्माण आदि इसमें शामिल हैं।

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एक्यूआई बढ़ने के छह प्रमुख कारण
1. वाहनों की बेहद ज्यादा संख्या
2. सड़क के किनारे की धूल
3. पत्तों और कूड़े को खुले में जलाना
4. शहर में पेड़ और बगीचों से निकला कूड़ा
5. शहर के साथ लगते इलाकों में जेनरेटर सेट का धड़ल्ले से इस्तेमाल
6. पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली
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