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पंजाब विधानसभा में हंगामा: चीमा का आरोप- धुस्सी बांध के अंदर बाजवा ने खरीदी जमीन, पता था रेत आएगी
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-बाजवा का जवाब, रजिस्ट्री आप सरकार ने की, इसमें गलत क्या
-सवा करोड़ रुपये हर डिस्टिलरी से ले रहे, 30 से 35 करोड़ खा रहे
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजावा ने ब्यास नदी में धुस्सी बांध के अंदर जमीन खरीदी है। इनको पता था कि बाढ़ के साथ रेत आएगी और रेत का खनन होगा। प्रताप बाजवा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि जमीन खरीदने में गलत क्या है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने खुद रजिस्ट्री की है। बाजवा ने आरोप लगाया कि हर डिस्टिलरी से सवा करोड़ रुपये ले रहे हैं। 30 से 35 करोड़ रुपये खा गए हैं जिस पर चीमा ने कहा कि सब झूठा है। इसे लेकर दोनों नेताओं के बीच जमकर हंगामा भी हुआ। बाद में स्पीकर ने सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
चीमा ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बाजवा ने राज्य सरकार पर सार्वजनिक फंड से उस जमीन की सुरक्षा के लिए स्टोन स्टड लगाने के लिए दवाब डाला। उन्होंने कहा कि बाजवा कभी हाउस कमेटी के गठन और कभी पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल के इस्तीफे की मांग करते हैं। उनकी यह कार्रवाई निजी हितों से प्रभावित गंभीर इरादों को उजागर करती हैं। चीमा ने 15 जुलाई 2025 को एक जमीन लेन-देन का विवरण पेश किया जिसमें बाजवा ने गांव फूलड़ां जिला गुरदासपुर में अपनी पत्नी के नाम पर 16.10 मरले जमीन खरीदी। खरीद के समय सवाल उठाते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह जमीन ब्यास नदी के धुस्सी बांध क्षेत्र के भीतर है। उन्होंने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा ने यह जमीन सिर्फ डेढ़ महीने पहले एक गरीब किसान से खरीदी थी यह जानते हुए कि मानसून के दौरान वहां रेत जमा होगी।
वित्त मंत्री ने गांव पसवाल में ब्यास नदी के साथ धुस्सी बांध के भीतर बाजवस्की ओर से 10 एकड़ जमीन की इसी तरह की खरीद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2017 और 2019 में कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल के दौरान इस जमीन की सुरक्षा के लिए स्टोन स्टड स्थापित करने पर 1.18 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा अब पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं कि वे फूलड़ां में हाल ही में खरीदी गई जमीन की सुरक्षा के लिए नए स्टोन स्टड की स्थापना करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने की मंजूरी दें। बाजवा ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। साथ ही कहा कि एक्साइज के 12 हजार करोड़ एक्साइज रुपये कहां गए, उसका यह जवाब नहीं देते हैं। विभागीय पत्र में सामने आया था कि बाढ़ की रोकथाम को लेकर दो तिहाई काम नहीं हुआ इसलिए झूठ मैं नहीं, बल्कि विभाग बोल रहा है। साथ ही सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर बाढ़ के दौरान ही एक हजार बैग की मांग रहे थे। इससे साफ है कि बैग मुहैया करवाने का विभाग का दावा भी झूठा था।
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सदन को कर रहे गुमराह, 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने
का आरोप झूठा : गोयल
जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बाढ़ पर राजनीति करने और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। गोयल ने कहा कि बाजवा कह रहे हैं कि रणजीत सागर डैम से 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि सच्चाई यह है कि इस डैम से करीब 2.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा ने सदन में झूठ बोलकर अपराध किया है जिसके लिए उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि 2022 से पहले प्रदेश के कृषि योग्य क्षेत्र में सिर्फ 21 प्रतिशत क्षेत्र में नहरी पानी उपलब्ध था जिसे हमारी सरकार ने बढ़ाकर 64 प्रतिशत कर दिया और 31 मार्च 2026 तक 76 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंचा दिया जाएगा।
शक्की नाले की सफाई पर हंगामा
आम आदमी पार्टी के विधायक गुरदीप सिंह रंधावा ने कहा कि शक्की नाले की आज तक सफाई नहीं हुई। कांग्रेस में विधायक अरुणा चौधरी मंत्री भी रहीं लेकिन सफाई नहीं करवाई। आप सरकार के अब जाकर सफाई करवाई है। इस पर कांग्रेस विधायक अरुणा चौधरी एतराज जताया। उन्होंने कहा कि एक हाउस कमेटी बनाकर नाले की जांच करवाई जानी चाहिए। सबके सामने दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा कि नाले की कितनी सफाई हुई है जिसे लेकर खूब हंगामा हुआ।
बर्बादी के लिए बीबीएमबी और आईएमडी जिम्मेदार: परगट सिंह
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब को बाढ़ में धकेलने के लिए भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड (बीबीएमबी) और भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) जिम्मेदार है जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। परगट ने कहा कि राज्य सरकार को दिल्ली जाकर लड़ाई लड़नी चाहिए। हम उसके लिए सरकार के साथ है। तभी जाकर पंजाब की सुनवाई होगी।
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-सवा करोड़ रुपये हर डिस्टिलरी से ले रहे, 30 से 35 करोड़ खा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजावा ने ब्यास नदी में धुस्सी बांध के अंदर जमीन खरीदी है। इनको पता था कि बाढ़ के साथ रेत आएगी और रेत का खनन होगा। प्रताप बाजवा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि जमीन खरीदने में गलत क्या है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने खुद रजिस्ट्री की है। बाजवा ने आरोप लगाया कि हर डिस्टिलरी से सवा करोड़ रुपये ले रहे हैं। 30 से 35 करोड़ रुपये खा गए हैं जिस पर चीमा ने कहा कि सब झूठा है। इसे लेकर दोनों नेताओं के बीच जमकर हंगामा भी हुआ। बाद में स्पीकर ने सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
चीमा ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बाजवा ने राज्य सरकार पर सार्वजनिक फंड से उस जमीन की सुरक्षा के लिए स्टोन स्टड लगाने के लिए दवाब डाला। उन्होंने कहा कि बाजवा कभी हाउस कमेटी के गठन और कभी पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल के इस्तीफे की मांग करते हैं। उनकी यह कार्रवाई निजी हितों से प्रभावित गंभीर इरादों को उजागर करती हैं। चीमा ने 15 जुलाई 2025 को एक जमीन लेन-देन का विवरण पेश किया जिसमें बाजवा ने गांव फूलड़ां जिला गुरदासपुर में अपनी पत्नी के नाम पर 16.10 मरले जमीन खरीदी। खरीद के समय सवाल उठाते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह जमीन ब्यास नदी के धुस्सी बांध क्षेत्र के भीतर है। उन्होंने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा ने यह जमीन सिर्फ डेढ़ महीने पहले एक गरीब किसान से खरीदी थी यह जानते हुए कि मानसून के दौरान वहां रेत जमा होगी।
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वित्त मंत्री ने गांव पसवाल में ब्यास नदी के साथ धुस्सी बांध के भीतर बाजवस्की ओर से 10 एकड़ जमीन की इसी तरह की खरीद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2017 और 2019 में कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल के दौरान इस जमीन की सुरक्षा के लिए स्टोन स्टड स्थापित करने पर 1.18 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा अब पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं कि वे फूलड़ां में हाल ही में खरीदी गई जमीन की सुरक्षा के लिए नए स्टोन स्टड की स्थापना करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने की मंजूरी दें। बाजवा ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। साथ ही कहा कि एक्साइज के 12 हजार करोड़ एक्साइज रुपये कहां गए, उसका यह जवाब नहीं देते हैं। विभागीय पत्र में सामने आया था कि बाढ़ की रोकथाम को लेकर दो तिहाई काम नहीं हुआ इसलिए झूठ मैं नहीं, बल्कि विभाग बोल रहा है। साथ ही सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर बाढ़ के दौरान ही एक हजार बैग की मांग रहे थे। इससे साफ है कि बैग मुहैया करवाने का विभाग का दावा भी झूठा था।
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सदन को कर रहे गुमराह, 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने
का आरोप झूठा : गोयल
जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बाढ़ पर राजनीति करने और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। गोयल ने कहा कि बाजवा कह रहे हैं कि रणजीत सागर डैम से 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि सच्चाई यह है कि इस डैम से करीब 2.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा ने सदन में झूठ बोलकर अपराध किया है जिसके लिए उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि 2022 से पहले प्रदेश के कृषि योग्य क्षेत्र में सिर्फ 21 प्रतिशत क्षेत्र में नहरी पानी उपलब्ध था जिसे हमारी सरकार ने बढ़ाकर 64 प्रतिशत कर दिया और 31 मार्च 2026 तक 76 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंचा दिया जाएगा।
शक्की नाले की सफाई पर हंगामा
आम आदमी पार्टी के विधायक गुरदीप सिंह रंधावा ने कहा कि शक्की नाले की आज तक सफाई नहीं हुई। कांग्रेस में विधायक अरुणा चौधरी मंत्री भी रहीं लेकिन सफाई नहीं करवाई। आप सरकार के अब जाकर सफाई करवाई है। इस पर कांग्रेस विधायक अरुणा चौधरी एतराज जताया। उन्होंने कहा कि एक हाउस कमेटी बनाकर नाले की जांच करवाई जानी चाहिए। सबके सामने दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा कि नाले की कितनी सफाई हुई है जिसे लेकर खूब हंगामा हुआ।
बर्बादी के लिए बीबीएमबी और आईएमडी जिम्मेदार: परगट सिंह
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब को बाढ़ में धकेलने के लिए भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड (बीबीएमबी) और भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) जिम्मेदार है जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। परगट ने कहा कि राज्य सरकार को दिल्ली जाकर लड़ाई लड़नी चाहिए। हम उसके लिए सरकार के साथ है। तभी जाकर पंजाब की सुनवाई होगी।