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कांग्रेस की बैठक में हंगामा... खीझे कार्यकर्ता बोले- बताइए मेरा टिकट क्यों काटा
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चंडीगढ़। कांग्रेस भवन में हंगामा काफी बढ़ गया जब टिकट के चाहवानों ने अपने टिकट काटे जाने का कारण पूछा। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने उन कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई थी, जिन्होंने अपनी उम्मीदवारी पेश की थी और टिकट नहीं मिली। उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा था। इसमें रामचरण गुप्ता, अजय जोशी, ममता राणा, धर्मवीर सहित कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। इस बैठक में समन्वयक राजेंद्र राणा, अभिषेक दत्त, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला, मनीष बंसल सहित कई बड़े नेता उपस्थित थे।
जिन्हें टिकट नहीं मिली, उनका उबाल देखकर मंच पर बैठे पार्टी के नेता भी हैरान थे। उसी वक्त कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेेंस भी बुलाई थी। कांग्रेस भवन के हॉल में पत्रकार भी थे। जब हंगामा शुरू हुआ तो पत्रकारों को दूसरे कमरे में जाने को कहा गया।
टिकट के चाहवानों ने अपनी बात कहते हुए पार्टी की बैठक में अपना तेवर कड़े करते हुए कहा कि जो लोग वर्षो से अपना जीवन पार्टी में लगाया, लेकिन जूनियरों को टिकट दिया गया। प्रचार करने, धरना में लोगों को एकत्र करने के लिए काम करें, लेकिन जब टिकट की बारी आए तो दूसरे को दिया जाए। यह कब तक चलेगी। पार्टी के नेता सभी कुछ ध्यान से सून रहे थे।
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पार्टी की बैठक में हुई कहा सुनी पर जब प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला से बात की तो उन्होंने कहा कि पार्टी परिवार जैसी होती है, जिन्हें टिकट नहीं मिला उनका निराश होना स्वभाविक है। पार्टी के समर्थित कार्यकर्ता हैं। वे सही बोल रहे थे, लेकिन 190 दावेदारों में से 35 उम्मीदवारों का ही चयन करना था। इस स्थिति में कार्यकर्ताओं का रोष स्वभाविक होता है। कार्यकर्ता मान गए हैं।
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जिन्हें टिकट नहीं मिली, उनका उबाल देखकर मंच पर बैठे पार्टी के नेता भी हैरान थे। उसी वक्त कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेेंस भी बुलाई थी। कांग्रेस भवन के हॉल में पत्रकार भी थे। जब हंगामा शुरू हुआ तो पत्रकारों को दूसरे कमरे में जाने को कहा गया।
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टिकट के चाहवानों ने अपनी बात कहते हुए पार्टी की बैठक में अपना तेवर कड़े करते हुए कहा कि जो लोग वर्षो से अपना जीवन पार्टी में लगाया, लेकिन जूनियरों को टिकट दिया गया। प्रचार करने, धरना में लोगों को एकत्र करने के लिए काम करें, लेकिन जब टिकट की बारी आए तो दूसरे को दिया जाए। यह कब तक चलेगी। पार्टी के नेता सभी कुछ ध्यान से सून रहे थे।
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पार्टी की बैठक में हुई कहा सुनी पर जब प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला से बात की तो उन्होंने कहा कि पार्टी परिवार जैसी होती है, जिन्हें टिकट नहीं मिला उनका निराश होना स्वभाविक है। पार्टी के समर्थित कार्यकर्ता हैं। वे सही बोल रहे थे, लेकिन 190 दावेदारों में से 35 उम्मीदवारों का ही चयन करना था। इस स्थिति में कार्यकर्ताओं का रोष स्वभाविक होता है। कार्यकर्ता मान गए हैं।