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डीजीपी चंडीगढ़ को भेजी गुमनाम चिट्ठी, लिखा- पुलिस ड्यूटी लगाने के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार
Tue, 26 May 2020 11:30 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 26 May 2020 11:30 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
कोविड-19 में कुछ पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाने के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार के खेल की गुमनाम चिट्ठी मिलने पर पुलिस विभाग में यह चर्चा का विषय बना रहा। दरअसल किसी ने चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल के नाम चिट्ठी लिखकर पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने को लेकर इंसाफ की गुहार लगाई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई चिठ्ठी में लिखा है कि कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बीच चंडीगढ़ पुलिस का हर एक अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है, लेकिन पीओ व समन सेल में तैनात हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल लगातार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। कई बार इनकी शिकायत उच्च अधिकारियों को दी गई है, लेकिन पंजाब के नेताओं और एसएसपी साहब से फोन कराकर हर बार बचा लिया जाता है और दोबारा फिर से करप्शन करने लग जाता है।
पीओ सेल में मौजूदा समय में 65 कर्मचारी हैं, लेकिन इस वक्त 35 कर्मचारी की ड्यूटी लगी हुई है। बाकी के रेस्ट काटने का बहाना बनाकर मुलाजिमों से पैसे लेकर उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। ये मुलाजिम उच्च अधिकारियों की अनुमति के बगैर पूरे लॉकडाउन में अपने राज्य में रह रहे हैं। सप्ताह में एक या दो दिन ड्यूटी कर बाकी समय अपना साइड बिजनेस चला रहे हैं। ये लोग पैसे ना देने के बारे में धमकाते हैं। वह कोरोना के एरिया में ड्यूटी लगाने की धमकी देता है।
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हैरानी की बात है कि इस चिट्ठी में एक इंस्पेक्टर का नाम भी सामने आया। लिखा गया कि इंस्पेक्टर भी कठपुतली बन चुके हैं। सीनियर ऑफिसरों से गुजारिश है कि लॉकडाउन के दौरान इन कर्मचारियों की ड्यूटी कहां पर दिखाई गई है, इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाए। जो मुलाजिम सप्ताह में एक या दो दिन ड्यूटी करके गायब रहते हैं, इनकी वजह से बाकी मुलाजिमों का शोषण हो रहा है।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुई चिठ्ठी में लिखा है कि कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बीच चंडीगढ़ पुलिस का हर एक अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है, लेकिन पीओ व समन सेल में तैनात हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल लगातार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। कई बार इनकी शिकायत उच्च अधिकारियों को दी गई है, लेकिन पंजाब के नेताओं और एसएसपी साहब से फोन कराकर हर बार बचा लिया जाता है और दोबारा फिर से करप्शन करने लग जाता है।
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पीओ सेल में मौजूदा समय में 65 कर्मचारी हैं, लेकिन इस वक्त 35 कर्मचारी की ड्यूटी लगी हुई है। बाकी के रेस्ट काटने का बहाना बनाकर मुलाजिमों से पैसे लेकर उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। ये मुलाजिम उच्च अधिकारियों की अनुमति के बगैर पूरे लॉकडाउन में अपने राज्य में रह रहे हैं। सप्ताह में एक या दो दिन ड्यूटी कर बाकी समय अपना साइड बिजनेस चला रहे हैं। ये लोग पैसे ना देने के बारे में धमकाते हैं। वह कोरोना के एरिया में ड्यूटी लगाने की धमकी देता है।
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हैरानी की बात है कि इस चिट्ठी में एक इंस्पेक्टर का नाम भी सामने आया। लिखा गया कि इंस्पेक्टर भी कठपुतली बन चुके हैं। सीनियर ऑफिसरों से गुजारिश है कि लॉकडाउन के दौरान इन कर्मचारियों की ड्यूटी कहां पर दिखाई गई है, इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाए। जो मुलाजिम सप्ताह में एक या दो दिन ड्यूटी करके गायब रहते हैं, इनकी वजह से बाकी मुलाजिमों का शोषण हो रहा है।
चिट्ठी में लिखे कुछ मुलाजिमों के नाम
भेजी गई गुमनाम चिट्ठी में गुहार के अलावा कुछ पुलिसकर्मियों के नाम भी लिखे गए हैं। इनमें कांस्टेबल से लेकर हेड कांस्टेबल तक के रैंक शामिल हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चिट्ठी को भेजने वाले शख्स की पुलिस अब तक पहचान नहीं कर सकी है। गुमनाम चिट्ठी के मिलने से पुलिस विभाग ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। साथ ही पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस चिट्ठी को किसने सोशल मीडिया पर वायरल किया।
पहले भी वायरल होती रही हैं ऐसी चिट्ठियां
चंडीगढ़ पुलिस में इससे पहले भी अलग-अलग विंग को लेकर इसी तरीके से शिकायत दी गई है। हालांकि इनमें कुछ मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक्शन भी लिया था। अब देखने वाली बात है कि इस चिट्ठी में कितनी सच्चाई है और पुलिस विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है।
मामला संज्ञान में आने के बाद पीओ सेल के डीएसपी कृष्ण कुमार से वीरवार तक रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी
पहले भी वायरल होती रही हैं ऐसी चिट्ठियां
चंडीगढ़ पुलिस में इससे पहले भी अलग-अलग विंग को लेकर इसी तरीके से शिकायत दी गई है। हालांकि इनमें कुछ मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक्शन भी लिया था। अब देखने वाली बात है कि इस चिट्ठी में कितनी सच्चाई है और पुलिस विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है।
मामला संज्ञान में आने के बाद पीओ सेल के डीएसपी कृष्ण कुमार से वीरवार तक रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी